– बार-बार रिमाइंडर देने के बाद भी लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर लटकी हैं एसीआर, अभियंताओं में भारी आक्रोश
जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून: उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, पेयजल निगम ने इंजीनियर्स की वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर) को लेकर सख्त एतराज जताते हुए आक्रोश व्यक्त किया है. कहा कि एसीआर विभिन्न स्तरों पर अनावश्यक रूप से लंबित रखी गई हैं. बड़ी संख्या में वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन संबंधित प्रतिवेदक अधिकारी, समीक्षक अधिकारी व स्वीकर्ता अधिकारी के स्तर पर लंबे समय से लंबित हैं. संबंधित अभियंताओं की ओर से बार-बार लिखित व मौखिक रूप से अनुरोध के साथ ही रिमाइंडर लेटर दिए जाने के बावजूद प्रकरणों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है.
बोले, इंजीनियर्स की सेवा संबंधी प्रक्रियाएं हो रहे है प्रभावित
संघ की बुधवार को हुई ऑनलाइन व ऑफलाइन मीटिंग में अभियंताओं की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई. बैठक में कहा गया कि वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन सेवा अभिलेख का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके समयबद्ध निस्तारण का सीधा संबंध अभियंताओं की सेवा संबंधी प्रगति, एसीपी, एससीपी, स्थाईकरण के साथ पदोन्नति जैसी प्रक्रियाओं से है. एसीआर के लंबित रहने के कारण प्रदेशभर में कई इंजीनियरों की सेवा संबंधी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे इंजीनियरों में भारी असंतोष व आक्रोश है. संघ की ओर से संबंध में निरंतर किए जा रहे संदेशों के बाद एमडी पेयजल निगम ने पूरे प्रदेश में चेतावनी पत्र जारी करते हुए समस्त लंबित एसीआर के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय दिया है.
संगठन कार्यकर्ता RTI में लेंगे एसीआर संबंधी जानकारी
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की ऒर से इस संबंध में निरंतर किए जा रहे पत्राचार के बाद प्रबंध निदेशक द्वारा पूरे प्रदेश में चेतावनी पत्र जारी करते हुए समस्त लंबित एसीआर के निस्तारण के एक सप्ताह का समय दिया गया है. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि निर्धारित अवधि के बाद लंबित एसीआर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रत्येक सदस्य अपने-अपने प्रकरण से संबंधित समीक्षक अधिकारी व स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत स्वयं आवेदन प्रस्तुत करेगा. आरटीआई के जरिए संबंधित संगठन के सदस्य अपनी एसीआर के वर्तमान स्टेटस, किस स्तर पर कितने समय से लंबित है और संबंधित अभिलेखों व प्रेषण व निस्तारण से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों की सूचना प्राप्त कर इसकी एक प्रति संगठन को उपलब्ध कराएगा.
बैठक में दी गई आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि लंबित एसीआर के प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया जाता है, तो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आंदोलन ही एक मात्र विकल्प है. बैठक में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई कि लगातार अनुरोध किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई न होने से इंजीनियर्स आंदोलन को मजबूर होंगे.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में अजय बैलवाल, प्रांतीय अध्यक्ष, भुवन चंद्र जोशी, प्रांतीय महासचिव, राम कुमार संरक्षक, अरविंद सिंह सजवाण, चेयरमैन संघर्ष समिति, नगेन्द्र चन्द्र आर्य, चेयरमैन पर्सुएशन समिति, भजन सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मोहित जैन, वाइस चेयरमैन संघर्ष समिति; प्रकाश जोशी, निवर्तमान सचिव, मेघा नेगी, संगठन सचिव महिला, आशीष असवाल, गढ़वाल मंडल सचिव, सलमान खान, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष, यतेन्द्र सिंह रावत, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष, देवेंद्र आर्य, पुष्कर आर्य, राजेन्द्र बुड़ाकोटी, सुनील कुमार व अंकित तिवारी समेत प्रदेशभर के अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।