आईआईटी रुड़की द्वारा घोषित जेईई एडवांस्ड 2026 परिणाम में कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहे शुभम कुमार ने AIR 1 हासिल की.
कोटा : देश और दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शुमार जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम एडवांस्ड (JEE Advanced 2026) के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. इस वर्ष परीक्षा का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की द्वारा किया गया था. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह परिणाम 1 जून को जारी किया जाना था, परंतु आयोजन एजेंसी आईआईटी रुड़की ने इसे सुबह जल्दी ही घोषित कर दिया. इसमें ऑल इंडिया रैंक से लेकर सभी जानकारी उन्होंने साझा कर दी है. परीक्षा में शामिल कैंडिडेट अपना रिजल्ट जेईई एडवांस्ड आधिकारिक वेबसाइट https://jeeadv.ac.in और डायरेक्ट लिंक से https://cdata.jeeadv.ac.in/result2026 से डाउनलोड कर सकते हैं. कैंडिडेट को इसके लिए 9 अंकों का रोल नंबर, डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. वहीं परिणाम भी सुबह 10:00 बजे जारी होना था, लेकिन आईआईटी रुड़की ने कई घंटे पहले ही जारी कर दिया है.
कट-ऑफ में 18 अंकों का ऐतिहासिक उछाल : परीक्षा में कट ऑफ बढ़ गई है, इसमें बीते साल 2025 से 18 अंक की बढ़ोतरी के साथ 92 हो गई है. जबकि सब्जेक्ट वाइज कट ऑफ 8 अंक जनरल कैटेगरी के लिए रही है. इन रैंक पर लाने वाले 56880 विद्यार्थियों को क्वालीफाई घोषित कर दिया गया है. एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों में 31.65 फीसदी सफल घोषित किए गए. इस परीक्षा के लिए 187389 विद्यार्थी रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें से 179694 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी. जिनमें से 56880 को काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई घोषित किया है. इस बार कट ऑफ परसेंटाइल अंक में भी काफी बढ़ गए.

एक्सपर्ट का अनुमान था कि इस बार प्रश्नपत्र के स्तर को देखते हुए कट-ऑफ में गिरावट आ सकती है, लेकिन इसके विपरीत आंकड़ों में भारी इजाफा दर्ज किया गया. कट ऑफ अंक में 18 अंकों की बढ़ोतरी हुई है. सामान्य वर्ग (General Category) के लिए क्वालीफाइंग एग्रीगेट कट-ऑफ जो साल 2025 में मात्र 74 अंक थी, वह इस बार 18 अंकों की भारी बढ़ोतरी के साथ सीधे 92 अंकों पर पहुंच गई है. एग्रीगेट प्रतिशत इस बार 25.56 रहा है. जबकि सब्जेक्ट वाइज कट ऑफ में एक अंक की बढ़ोतरी हुई है. साल 2026 में यह आठ अंक है. जबकि साल 2025 में यह सात अंक थी. सब्जेक्ट वाइज कट ऑफ का प्रतिशत 7.3 रहा है. यानी माना जाए तो 360 में से 92 अंक लाने वाला विद्यार्थी काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई घोषित हो गया है. जिसके फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स तीनों में 8-8 से ज्यादा अंक है. ये विद्यार्थी जोसा काउंसलिंग में आईआईटी सीट की काउंसलिंग में शामिल हो जाएंगे.
एक साल गिरकर बढ़ गई कटऑफ : देव शर्मा ने बताया कि क्वालीफाइंग कट ऑफ में एक साल गिरावट के बाद बढ़ोतरी हुई है. साल 2025 से क्वालीफाइंग कटऑफ परसेंटेज व मार्क्स 2026 से ज्यादा है. जबकि 2024 से क्वालीफाइंग कट ऑफ कम है. साल 2024 में 30.34 थी, जबकि क्वालीफाइंग मार्क्स 2024 में 109 थे. साल 2025 में जेईई एडवांस्ड से जोसा काउंसलिंग के लिए कटऑफ सब्जेक्ट के अनुसार 5.83 और एग्रीगेट 20.56 थी. इसी तरह से ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में विषयवार 5.25 और एग्रीगेट 18.50 प्रतिशत रही थी. एससी व एसटी में विषय के अनुसार 2.92 व कुल 10.28 प्रतिशत क्वालीफाइंग कट ऑफ रही थी. जनरल के क्वालीफाइंग मार्क्स सब्जेक्ट के अनुसार 7 और एग्रीगेट 74 अंक थे. ओबीसी और ईडब्ल्यूएस की 6 अंक विषय के अनुसार और 66 अंक एग्रीगेट रहे थे. जबकि एससी और एसटी के लिए तीन अंक विषय के अनुसार और 37 अंक एग्रीगेट थे.
लैंगिक आधार पर परिणामों का विश्लेषण करें तो छात्रों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है. परीक्षा में शामिल हुए 1,39,131 छात्रों में से 44,673 छात्रों ने सफलता का परचम लहराया, जिससे उनका सफलता प्रतिशत 33.62 रहा. वहीं, दूसरी ओर पंजीकृत 43,112 छात्राओं में से 40,562 परीक्षा में बैठीं और 10,107 छात्राएं काउंसलिंग के लिए योग्य पाई गईं, जिससे उनका कुल सफलता प्रतिशत 24.92 दर्ज किया गया. इसके अतिरिक्त, इस परीक्षा में एक थर्ड जेंडर परीक्षार्थी ने भी भागीदारी की थी, परंतु वे सफल नहीं हो सके.
इस वर्ष कुल 1,87,389 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए अपना पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,79,694 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुए. परीक्षा में बैठने वाले कुल परीक्षार्थियों में से 56,880 विद्यार्थियों को काउंसलिंग के लिए सफल घोषित किया गया है, जो कुल उपस्थित छात्रों का 31.65 प्रतिशत है. यदि बीते 8 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें, तो क्वालीफाई होने वाले अभ्यर्थियों की यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.
टॉपर सूची में दिल्ली ज़ोन का दबदबा, सफल उम्मीदवारों में मद्रास आगे : देशभर में फैले आईआईटी के 7 क्षेत्रीय ज़ोन में से इस बार आईआईटी दिल्ली ज़ोन का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला है. ऑल इंडिया टॉप-10 की सूची में अकेले दिल्ली ज़ोन से 5 होनहारों ने अपनी जगह बनाई है, जिसमें शीर्ष के तीनों पायदान भी शामिल हैं. इस साल देश की कोचिंग राजधानी कहे जाने वाले कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाले शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR 1) हासिल कर पूरे देश में टॉप किया है. द्वितीय स्थान पर भी कोटा के ही कबीर छिल्लर रहे, जिन्होंने AIR 2 प्राप्त की. तीसरे स्थान पर जतिन चाहर ने अपनी जगह पक्की की. शीर्ष तीन के बाद चौथे पायदान पर मद्रास ज़ोन के मोहित शेखर शुक्ला और पांचवें स्थान पर इसी ज़ोन के कूची संदीप रहे. इसके अतिरिक्त, छठवें स्थान पर आईआईटी मुंबई ज़ोन के बी जयकृष्णा श्रीनिवास रहे. सातवीं रैंक पर पुनः कोटा के क्लासरूम छात्र और दिल्ली ज़ोन के अर्णव गौतम ने कब्जा जमाया. आठवीं रैंक पर मुंबई ज़ोन के कनिष्क जैन, नौवीं रैंक पर मद्रास ज़ोन के मेडिसेट्टी नागा सहस्र और दसवीं रैंक पर दिल्ली ज़ोन के दर्श सिक्का हैं.
जोन के अनुसार सफल कैंडिडेट के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर सामने आता है कि सबसे आगे 14294 कैंडिडेट के साथ मद्रास है. दूसरे नंबर पर आईआईटी बॉम्बे 12389 और तीसरे नंबर पर आईआईटी दिल्ली 10697 नंबर के साथ है. जबकि चौथे नंबर पर आईआईटी रुड़की 5637, पांचवें पर कानपुर 5552 और छठे नंबर पर भुवनेश्वर 5428 के साथ रही है. सबसे अंतिम सातवें पायदान पर आईआईटी गुवाहाटी 2883 काउंसलिंग क्वालीफाई स्टूडेंट के साथ रही है.
टॉप 76 में केवल लड़के : शीर्ष 10 में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों के प्राप्तांक 311 से 330 अंकों के बीच रहे हैं. शुभम कुमार इस बार परीक्षा में 360 में से 330 अंक लाकर टॉपर बने हैं. जबकि कबीर छिल्लर के 329 अंक आए हैं. जबकि ऑल और उनकी ऑल इंडिया रैंक भी 77 है. इससे साफ है कि टॉप 76 यानि AIR-76 तक स्टूडेंट मेल ही है. इस परीक्षा में जनरल केटेगरी से शुभम कुमार ने टॉप किया है. ईडब्ल्यूएस से बी जयकृष्णा श्रीनिवास हैं. ओबीसी से जतिन चाहर, एससी से कोविद बूब, एसटी से जतिन कुमार हैं.