हरक सिंह रावत ने जेनी प्रकरण का जिक्र करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खरी खोटी सुनाई है, कोश्यारी को भी लपेटा
देहरादून: 2003 में तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार के समय राजस्व मंत्री रहे हरक सिंह रावत पर जेनी प्रकरण को लेकर गंभीर आरोप लगे थे. तब राजनीतिक दबाव के चलते हरक सिंह रावत को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था. एक बार फिर से उत्तराखंड में जेनी प्रकरण को लेकर राजनीतिक सियासत गरमा गई है. इसको लेकर हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खरी खोटी सुनाई है. दरअसल सीएम धामी का जेनी कांड को लेकर हाल ही में बयान आया था.
जेनी कांड को लेकर सीएम धामी पर भड़के हरक सिंह रावत: हरक सिंह रावत ने एक वीडियो जारी करते हुए मुख्यमंत्री पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने अपना मुंह खोल दिया, तो पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को जवाब देना भारी पड़ जाएगा. उन्होंने कहा कि यह प्रकरण तबका है, जब केंद्र में भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हुआ करती थी.
हरक बोले मुझे षडयंत्र के तहत फंसाया गया था: हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि उस समय एक षड्यंत्र के तहत उनके ऊपर जेनी प्रकरण के तमाम आरोप लगाए गए थे. उस समय अपने ऊपर लगे आरोपों के चलते उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देना उचित समझा, ताकि सीबीआई जांच में कोई अड़चन न आ पाये. उन्होंने खुद उस दौरान इस प्रकरण की सीबीआई जांच किए जाने के साथ-साथ डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग उठाई थी.
हरक सिंह रावत ने जारी किया वीडियो: हरक सिंह का कहना है कि तब उन्होंने संकल्प लिया था कि वो तब तक विधानसभा में कदम नहीं रखेंगे, जब तक इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता है. उन्होंने दावा किया कि सीबीआई जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी. उन्होंने यह प्रतिक्रिया 23 साल पुराने मामले में फिर से दी है और उन्होंने यह प्रतिक्रिया भावुक होकर सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की है. हरक सिंह रावत इस समय कांग्रेस पार्टी के उत्तराखंड में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं.
सीएम धामी ने क्या कहा था? सीएम धामी ने कांग्रेस द्वारा अंकिता भंडारी कांड को बार-बार मुद्दा बनाए जाने पर कहा था कि हमने इस मामले में सख्त कार्रवाई की. तीनों दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है. सीएम धामी ने कहा कि अपनी खत्म हो चुकी कांग्रेस को जीवनदान देने के लिए उनके नेता हमेशा विवादित मुद्दे उठा रहे हैं. सीएम धामी ने सवाल किया था कि तंदूर कांड किसके समय में हुआ था. जेनी कांड किसके समय में हुआ था. जेनी कांड का नाम लेने पर ही हरक सिंह रावत भड़के हैं.