यात्री ध्यान दें! अलीगढ़, खुर्जा, हाथरस, टूंडला और दिल्ली मार्ग की पैसेंजर-मेमू ट्रेनें रद्द
अलीगढ़: उत्तर रेलवे के साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई. डिरेलमेंट (पटरी से उतरने) के बाद रेल संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. हादसे के कारण रेल मार्ग पर अत्यधिक आवागमन दबाव (कंजेशन) और ट्रेनों के परिचालन में अव्यवस्था (बंचिंग) की स्थिति उत्पन्न हो गई.
हादसे के बाद कई ट्रेनें रद्द: हादसे के बाद उत्तर रेलवे ने आज चलने वाली कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.इस फैसले का सीधा असर अलीगढ़, खुर्जा, हाथरस, टूंडला और दिल्ली के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ा है. इस अव्यवस्था से यात्री परेशान हैं.
उत्तर रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि, वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें. यात्री रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन अथवा पूछताछ केंद्र से अपनी ट्रेन की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. रेलवे इस असुविधा के लिए यात्रियों से खेद व्यक्त करता है- शिवम शर्मा, CPRO, NCR
कैंसिल ट्रेनों की जानकारी: रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार अलीगढ़ से दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 64601, 64103 और अलीगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 64105 को रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा खुर्जा-शकूरबस्ती (64111), टूंडला-दिल्ली (64583), दनकौर-शकूरबस्ती (64109), हाथरस-हाथरस किला (64586) और हाथरस किला-दिल्ली (64581) रेल सेवाएं भी निरस्त कर दी गई हैं.
ट्रैक को ठीक करने का काम जारी: रेलवे अधिकारियों के अनुसार साहिबाबाद स्टेशन पर मालगाड़ी के डिरेलमेंट के बाद ट्रैक को सुरक्षित बनाने और परिचालन सामान्य करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. तकनीकी टीमें मौके पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं ताकि रेल यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके. हालांकि, परिचालन पूरी तरह बहाल होने में कुछ समय लग सकता है.
ट्रेनों के रद्द होने से सबसे अधिक परेशानी उन दैनिक यात्रियों को हो रही है जो नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन अलीगढ़, खुर्जा, हाथरस और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली तथा एनसीआर की यात्रा करते हैं. सुबह के समय स्टेशन पहुंचने वाले कई यात्रियों को ट्रेन निरस्त होने की जानकारी मिलने पर वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी, जिससे बस स्टैंड और निजी परिवहन पर भी अतिरिक्त दबाव देखा गया.