चौबट्टाखाल क्षेत्र के इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। चार साल की मासूम दृष्टि की मौत से न केवल उसका परिवार बल्कि पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि जैसे ही गुलदार बच्ची को उठाकर ले गया, परिजनों ने शोर मचाया और तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी। गांव के लोग टॉर्च और डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू कर दी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद झाड़ियों में दृष्टि का शव मिला, जिसे देखकर सभी लोग स्तब्ध रह गए। शव की हालत बेहद खराब थी, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ गई हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण यह दुखद घटना सामने आई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की बात कही है। साथ ही, लोगों से रात के समय बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और सतर्क रहने की अपील भी की गई है।
स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा भी जल्द प्रदान किया जाएगा। वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ा जाए और क्षेत्र में स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।