जल संस्थान के कार्मिकों को पीएफ में मिल रहा आधे से भी कम ब्याज, क्षेत्रीय आयुक्त से मिलकर लगाई गई गुहार

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
खबर शेयर करें

 

जनपक्ष टुडे संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड जल संस्थान में कार्मिकों के भविष्यनिधि (पीएफ) फंड में बेहद कम ब्याज दर मिलने और कार्मिकों में भारी आक्रोश है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इससे कार्मिकों बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने भविष्यनिधि के क्षेत्रीय आयुक्त से मामले का संज्ञान लेकर कार्मिकों को राहत प्रदान करने की मांग की है।

उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक रमेश बिंजोला के नेतृत्व में शुक्रवार को देहरादून स्थित क्षेत्रीय आयुक्त भविष्यनिधि को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया, जिसमें अवगत कराया गया है कि उत्तराखंड जल संस्थान में कार्यरत कार्मिकों की भविष्य निधि धनराशि जो बचत खाते के रूप में संचालित की जा रही है वह नियमानुसार नहीं है। उन्होंने कहा कि जल संस्थान के कार्मिकों को भविष्य निधि पर बैंकों द्वारा महज 3% ब्याज दिया जा रहा है, जबकि उत्तराखंड सरकार के अन्य राजकीय एवं निगम के कार्मिकों को भविष्य निधि की धनराशि पर 7% की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है।

इस कारण कर्मचारियों को भविष्य निधि मद में बहुत अधिक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि कर्मचारियों द्वारा भविष्य निधि में जमा धनराशि की एफडीआर बनाई जाती है तो उस पर बैंक द्वारा टीडीएस काटा जाता है, जिससे कर्मचारियों को दोहरा नुकसान हो रहा है।  कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर 5 से 6 लाख तक धनराशि का भुगतान हो रहा है। इससे पूर्व भी सरकार एवं शासन को पत्र प्रेषित किए जा चुके हैं परंतु कार्रवाई वर्तमान तक भी लंबित है।

रमेश बिंजोला ने बताया कि यदि इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है तो प्रकरण को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संयुक्त मोर्चा के संयोजक श्याम सिंह नेगी, शिशुपाल सिंह रावत, प्रेम किशोर कुकरेती, संदीप मल्होत्रा, प्रवीण गुसाईं, जगमोहन सिंह बिष्ट, रामचंद्र सेमवाल, रमेश चंद शर्मा, लाल सिंह रौतेला, डीपी बद्री और चतर सिंह आदि भी शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.