ऊर्जा कर्मियों की कल से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के बाद स्थगित

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
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जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 6 जून से 14 सूत्रीय मैंगों को लेकर प्रस्तावित हड़ताल मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित हो गई है। 7 अक्टूबर को उत्तराखंड में प्रधानमंत्री के दौरे के चलते ऊर्जा कर्मियों की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री ने खुद कमाल संभाली है, जिसके बाद संयुक्त मोर्चा ने हड़ताल वापस ले ली है।

आज देर शाम ऊर्जा कर्मियों की मुख्यमंत्री धामी और ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के साथ बैठक हुई। बैठक में ऊर्जा कर्मियों की 14 में से 11 मांगे सरकार ने मान ली है। इसके बाद विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।

बता दें कि इन मांगों लेकर जुलाई में तीनों ऊर्जा निगमों के कर्मचारी आंदोलन कर चुके थे लेकिन तब सरकार और ऊर्जाकर्मियों के बीच बातचीत के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला.

वहीं इस बार आलाअफसरों से बातचीत के बाद ऊर्जाकर्मियों ने आज से हड़ताल की चेतावनी दी थीलेकिन बीते दिन सीएम की मौजूदगी में 11 मांगों की मंजूरी के बाद ऊर्जाकर्मयों ने हड़ताल स्थगित कर दी.

सीएम की अध्यक्षता में हुई वार्ता में इन मांगों पर बनी सहमति

■ पुरानी पेंशन का मुद्दा पेंशन उप समिति के सामने रखा जाएगा.

■ हाईकोर्ट और औद्योगिक न्यायाधिकरण के फैसले के मुताबिक उपनलकर्मयों को पक्का किया जाएगा. और समान काम समान वेतन समेत विशेष ऊर्जा भत्ता भी दिया जाएगा।

■ नव नियुक्त सहायक अभियंताओं, अपर अभियंताओं और तकनीकी ग्रेड-2 को पहले की तरह तीन, दो और एक वेतन वृद्धि का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा।

■ तीनों ऊर्जा निगमों में सातवें वेतनमान के तहत कार्मिकों के विभिन्न भत्तों के रिवीजन पर बोर्ड के फैसले के तहत आदेश जारी किए जाएगें।

■ ऊर्जा के तीनों निगमों में निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं

है।

■ संविदा कार्मिकों को साल में दो बार महंगाई भत्ता और रात्रि पाली भत्ता देने के आदेश जारी किए जाएगे।

■ ऊर्जा निगमों में टीजी-2 से रिक्त अपर अभियंता पदों पर प्रमोशन का मामला एक महीने के भीतर सुलझाया जाएगा।

■ यूजेवीएनएल, पिटकुल में बोनस पर बोर्ड के फैसले के मुताबिक आदेश जारी किए जाएगें।

■ सीधी भर्ती के कार्मिकों को ग्रेड पे देने, अवर अभियंताओं

और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के ग्रेड पे बढ़ोतरी का मामला

समिति के पास भेजा जाएगा।

■ एक सितंबर 2009 से अवर अभियंताओं को ग्रेड वेतन 4600 देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

■ पूरी सर्विस के दौरान एक बार पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ देने पर भविष्य में शासन जो फैसला लेगा वो मान्य होगा।

■ यूपीसीएल, पिटकुल, यूजेवीएनएल के एकीकरण की मांग पर परीक्षण किया जाएगा।

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