ऊर्जा निगम में मनमाने तबादलों पर शासन ने लगाई रोक, एमडी के अधिकार फ्रीज

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल राजकाज
खबर शेयर करें

 

जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून: उत्तराखंड पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में स्थानांतरण सत्र समाप्त होने के बाद भी लगातार इल्लीगल तरीके से मनमाने तबादलों का खेल जारी है, जिसका संज्ञान लेकर सरकार ने कड़े निर्देश जारी करते हुए स्थानांतरणों पर रोक लगा दी है।

उत्तराखंड शासन ने गुरुवार 8 सितंबर को 4 अधीक्षण अभियंताओं समेत 2 अभियंताओं  के स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में होने वाले तबादलों को लेकर भी एमडी यूपीसीएल के अधिकारों को फ्रीज कर सीमित कर दिया है। एमडी कोई भी तबादला आदेश बिना शासन की अनुमति के नहीं कर सकेंगे।

सबसे अहम बात यह है कि अधीक्षण अभियंता रुड़की के पद पर दो महीने के भीतर तीन बार तबादला करने और कई अधिशासी अभियंताओं के एक-एक महीने में तबादले किए जाने पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताई।

लगातार हो रहे तबादलों और उन पर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने शनिवार को सख्त कदम उठाया है। शनिवार को शासन और यूपीसीएल मुख्यालय स्तर पर अवकाश होने के बावजूद ऑफिस खुलवा कर आदेश किए गए।

सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश में तबादला सत्र समाप्त होने के बाद भी लगातार अनावश्यक तबादले किए जा रहे हैं। जो सीधे तौर पर शासन और कार्मिक विभाग के आदेशों का उल्लंघन है।

सचिव ऊर्जा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यूपीसीएल में तैनात कर्मचारी और अधिकारियों के तबादलों की कार्रवाई शासन की अनुमति से ही करने होंगे। शासन के इस आदेश से यूपीसीएल मैनेजमेंट के तबादला अधिकारों को फ्रीज कर दिया गया है।

दरअसल तबादला एक्ट 1 जून से 30 तक प्रभावी होता है, इसके बाद स्थानांतरण के लिए शासन की अनुमति लेनी होती है। यही नहीं हरिद्वार जिले में पंचायत चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू है, लेकिन इसके बावजूद यूपीसीएल के एमडी यादव ने शासन को बाईपास करके हरिद्वार जिले के अभियंताओं को भी बदल डाला, जो चुनाव आचार संहिता का घोर उल्लंघन है। इससे निगम छवि के साथ कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

यूपीसीएल प्रबधन की ओर से गत गुरुवार को किए गए तबादलों को शासन ने रद्द कर दिया है। दरअसल दो महीने के भीतर अधीक्षण अभियंता के तबादला होने से विवाद हुआ था।

“ऊर्जा निगम के एमडी अनिल कुमार यादव द्वारा स्थानांतरण एक्ट 2017 के विरुद्ध जाकर लगातार किए जा रहे तबादलों को लेकर विवाद हो रहा था। तबादला सत्र समाप्त होने के बाद भी तबादले किए जा रहे थे। इस पर पूरी तरह अब रोक लगा दी गई है। भविष्य में कोई भी तबादला बिना शासन की अनुमति के नहीं होगा। आदेशों का पालन न होने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। “

“आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ऊर्जा”

 

5 thoughts on “ऊर्जा निगम में मनमाने तबादलों पर शासन ने लगाई रोक, एमडी के अधिकार फ्रीज

  1. Thank you for the sensible critique. Me & my neighbor were just preparing to do a little research about this. We got a grab a book from our area library but I think I learned more from this post. I am very glad to see such excellent information being shared freely out there.

Leave a Reply

Your email address will not be published.