सनसनी: यूपीसीएल के एक पूर्व कर्मचारी की हरकत से निगम अधिकारियों की फूली सांसें, खुद जूटे हैं कर्मचारी की खोज-खबर में, देखें वीडियो

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– निरंजनपुर सब डिवीजन से जुड़ा है मामला, आत्महत्या के कदम के लिए एक चीफ इंजीनियर समेत 8 अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार 

जनपक्ष टुडे संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में एक पूर्व कर्मचारी के एक वीडियो ने सनसनी फैला दी है। इस वीडियो के बाद निगम के कई अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल आत्महत्या से पूर्व के इस वीडियो ने निगम में सनसनी फैला दी है। सोसाइट करने से पूर्व जारी इस वीडियो में उसने एक चीफ इंजीनियर समेत 8 अधिकारी-कर्मचारियों के नाम लिए हैं। वीडियो जारी करने के बाद कर्मचारी का फोन स्विच ऑफ है, जिससे समन्धित अधिकारियों का बीपी बढ़ गया है। वह लगातार कर्मचारी को ढूंढने और खोज-खबर में जूट हैं।

बता दें मामला यूपीसीएल के सब डिवीजन निरंजनपुर, देहरादून से जुड़ा हुआ है। यहां उपनल के जरिये लाइनमैन का काम कर रहे बसंत कौशिक ने विभागीय एक चीफ इंजीनियर पर उत्पीड़न कर घर में काम कराने समेत भ्रष्टाचार के कई गम्भीर आरोप लगाए। जिसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया। जिससे वह बेहद कुपित है। उसने चीफ इंजीनियर की पत्नी पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। आरोपित चीफ इंजीनियर हाल ही में रिटायर हो गए हैं। करीब तीन साल से वह न्याय की गुहार लगा भटकता फिर रहा था, जब उसे कहीं न्याय नहीं मिला तो कल उसने आत्महत्या करने का वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर आरोपित अधिकारियों की नींद उड़ा दी।

जारी वीडियो में बसंत ने एके सिंह चीफ इंजीनियर (रिटायर्ड), उनकी पत्नी अनुपमा सिंह, अधिशासी अभियंता अनिल मिश्रा, एसडीओ अनुज अग्रवाल, रवि राजोरा, वीके जोशी, जेई सूर्या प्रकाश पोखरियाल और मुस्तकीम अली  नाम लेकर उन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मरने के बाद उसने उक्त सभी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बसन्त ने अनुज अग्रवाल पर 6.50 लाख रुपये देनदारी का आरोप लगाया है। उसने कहा है कि पडताड़न और पैसे न लौटने से उसका परिवार पाई-पाई को मोहताज है और वह मॉनसिक रूप से भी बीमार हो गया। अब आत्महत्या के अलावा उसके पास कोई विकल्प नहीं बचा है।

 

उधर, बसंत कौशिक के आत्महत्या का कदम उठाने के बाद यूपीसीएल में हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि सोसाइट करने से पूर्व का वीडियो जारी करने के बाद निगम अधिकारियों ने उसकी कुशलक्षेम को तलाश शुरू की, लेकिन कहीं सुराग नहीं मिल पाया है। घर मे भी पता कराया तो मालूम हुआ कि वह रात को भी घर नहीं पहुंचा, जिससे आरोपित अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। वह किस हालत में कीड़ी को कोई खबर नहीं है। ऐसे में यदि वह वास्तव में सोसाइट करता है तो इसके लिए जिम्मेदार बताए गए अधिकारियों को मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पुलिस के साथ-साथ निगम आधीकारी भी बसंत को ढूंढने में जुटे हैं।

 

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