दुस्साहस: बन्दूक की नोक पर धमकाने वाले युवक ने अधिशासी अभियंता को बोला, 10-12 दिन खा-पी ले, मरना तो…..

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
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– पीडब्ल्यूडी के सहिया डिवीजन का है मामला, आरोपी की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग को लेकर डीएम से मिले पीड़ित अभियन्ता और कार्मिक

– उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को ज्ञापन प्रेषित कर की सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा व्यवस्थाएं  करने की मांग

देहरादून। लोक निर्माण विभाग के सहिया डिवीजन में अधिशासी अभियंता के साथ अभ करने और रिवाल्वर तान धमकी देने की घटना के बाद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी दहशत में है। दहशत के चलते शनिवार को सहिया डिवीजन बन्द रहा। कार्मिकों का कहना है कि आरोपी युवक कब दफ्तर में धमक कर किसी पर भी गोली चला दे कह नहीं सकते। पीड़ित अधिकारी-कर्मचारियों ने विभागाध्यक्ष हरिओम शर्मा के साथ जिलाधिकारी को भी ज्ञापन देकर कार्मिकों को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है।

इधर, आरोपी की गिरफ्तारी और कार्मिकों की सुरक्षा की मांग को लेकर सहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह सहायक अभियंता रमेश चंद्र शर्मा समेत कई कार्मिकों के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी है।

घटना की अभियंताओं समेत कई कर्मचारी संगठनों ने कड़ी निंदा की है। उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन ने विभागीय मंत्री के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आरोपी की जल्द गिरफतारी की मांग की है।

अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि सहिया क्षेत्र के तारली गांव निवासी रोहित तोमर शुक्रवार को कार्यालय में आ धमका और सरेआम तमंचा दिखाकर गांव की एक सड़क का टेंडर निरस्त न करने पर जान से मारने की धमकी दी है। गनीमत यह रही कि किसी तरह कार्यालय के कार्मिकों ने आरोपी युवक को काबू कर लिया, अन्यथा कोई बड़ी घटना हो सकती थी।

इस घटना से कार्मिक कार्यालय जाने से कतरा रहे हैं। यही नहीं इस घटना के बाद अगले दिन शनिवार सुबह को भी आरोपी युवक ने किसी दूसरे व्यक्ति के फोन से अधिशासी अभियंता को फिर धमकी देकर बोला कि ‘मरना तो तुझे है ही, 10-12 दिन खा-पी ले।

अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को कहा कि आरोपी युवक नशेड़ी लगता है, जो कभी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। अधिशासी अभियंता इस मामले में डीएम के पास पहुंचे ही थे कि युवक में विकासनगर में एक व्यक्ति को गोली मारने की घटना सामने आ गई, जिससे दहशत और बढ़ गई है। डीएम से सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने तक वह खौफ के महौल में दफ्तर नहीं जाएंगे।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को भरोसा दिलाया कि पुलिस-प्रशासन कार्मिकों की सुरक्षा को मुस्तैद है। भयभीत होने की जरुरत नहीं है। उन्होंने इस संबंध में उप जिलाधिकारी विकासनगर और एसएसपी से बातचीत करके आरोपी युवक की जल्द गिरफतारी को कहा है।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लोनिवि के जनपद अध्यक्ष सरीन कुमार ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर कार्मिकों ने सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि भय के माहौल में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में काम करने से डर रहे हैं। उन्होंने मामले में गंभीरता से कार्रवाई कराने की मांग की है।

इंजीनियर्स फेडरेशन ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा की उठाई मांग

उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन ने भी मामले पर हैरानी जताते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में कार्मिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग सहिया की घटना इसका उदाहरण है।

फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव जितेंद्र सिंह देव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन प्रेषित कर मामले में गंभीरता से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरेआम सरकारी कार्यालय में घुसकर तमंचे के बल पर अधिशासी अभियंता को धमकी देना गंभीर अपराध है। इससे अभियंताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जितेंद्र सिंह देव ने कहा कि इससे पूर्व भी उत्तराखंड में अभियंताओं पर हमले हो चुक हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोरो आश्वासनों के सिवाय कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि घटना से पूरे प्रदेष में अभियंता आक्रोषति हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफतारी की जाए। साथ ही निकट भविष्य में इस तरह के कृत्यों पर प्रभावी लगाम लग सके, इसके लिए सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की जाए। अन्यथा की स्थिति में अभियंताओं को एक बड़े आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।

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