दून में पहाड़ कटान और अवैध प्लाटिंग मामले में खान अधिकारी, भूवैज्ञानिक समेत MDDA के दो सुपरवाइजर सस्पेंड

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जनपक्ष टुडे संवाददाता, देहरादून। कैनाल रोड पर पहाड़ काटकर की जा रही अवैध प्लाटिंग के मामले में जिला खान अधिकारी और भू-वैज्ञानिक के साथ-साथ एमडीडीए के दो सुपरवाइजरों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा खनिज मोहर्रिर (भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई) कुंदन सलाल की ओर से सहारनपुर निवासी आरोपी के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं, डीएम के आदेश पर जिला प्रशासन और एमडीडीए की टीम ने अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।

राजपुर रोड से सटे कैनाल रोड क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और भूमि कटान की शिकायत पर शनिवार को जिलाधिकारी सोनिका ने प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की टीम ने धवस्त कर निर्माण कार्य को रुकवा दिया।

प्रथमदृष्टया लापरवाही पाए जाने पर जिला खान अधिकारी वीरेंद्र सिंह, भूगर्भ वैज्ञानिक अनिल कुमार और एमडीडीए के फो सुपरवाईजर प्यारे लाल और महावीर सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

भूगर्भ वैज्ञानिक को गलत तथ्य पेश कर पहाड़ कटान की स्वीकृति देने और एमडीडीए के दो सुपरवाईजरों को जानकारी न देने पर निलंबित किया गया है।

इधर जिलाधिकारी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। सभी एसडीएम और सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग और अवसिद्ध खनन को बख्शा न जाए, अपने-अपने क्षेत्रों में इस पर गम्भीरता से निगरानी रखें।

बता दें कि यह प्रकरण प्राधिकरण के संज्ञान में आने पर प्राधिकरण द्वारा अवैध भूमि विकास एवं प्लौटिंग का कार्य किए जाने के दृष्टिगत सम्बन्धितों के विरूद्व उत्तराखण्ड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं धारा-27 व 28 के अर्न्तगत पूर्व में ही कारण बताओ एवं कार्य रोकने के नोटिस भेजने की कार्यवाही 19 जुलाई 2022 को कर दी गयी थी ।

इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आज प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्री बृजेश कुमार संत द्वारा जिलाधिकारी देहरादून सुश्री सोनिका, सचिव प्राधिकरण एमएस बर्निया, निदेशक खनन पैट्रिक, अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा एवं संबंधित अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की, जिसमें निम्नानुसार निर्णय लेते हुए कार्यवाही की गई

1. स्थल पर किये अवैध विकास कार्य को तुरंत प्रभाव से ध्वस्त कर दिया गया ।

2 खान अधिकारी श्री वीरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया ।

3 भू गर्भ वैज्ञानिक श्री अनिल कुमार को भी गलत तथ्य प्रस्तुत कर हिल कटान की स्वीकृति प्रदान किये जाने पर निलंबित कर दिया गया ।

4 प्राधिकरण के दो सुपरवाइजरो श्री प्यारे लाल एवं श्री महावीर सिंह को भी उक्त प्रकरण की ससमय जानकारी न देने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया ।

5 भविष्य में इस तरह की प्रकृति वाले स्थलों पर जहां पर पर्वतों का कटान किया जाना हो, किसी भी प्रकार के विकास कार्य की अनुमति न दिए जाने का भी निर्णय लिया गया।

 

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