उत्तराखंड: बाबा केदार ने ली समाधि, यमुना भी पहुंची भाई शनि के साथ मायके

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जनपक्ष टुडे ब्यूरो, केदारनाथ: विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ और यमुनोत्री मंदिर के कपाट शनिवार को भैया दूज के शुभ पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने से पहले सुबह 6 बजे क्षेत्रपाल भैरवनाथ की पूजा अर्चना की गई। उसके बाद बाबा केदार के ज्योर्तिलिंग को बभूत और फूलों से ढक दिया गया।

आज शनिवार को ब्रहम मुहूर्त में सुबह 2 से 4 बजे तक विभिन्न स्तोत्र से शंकर की पूजा की गई। महाभिषेक के बाद समाधि पूजन किया गया। इसके बाद डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई अब बाबा केदार नाथ के दर्शन शीतकाल में ऊखीमठ में होंगे।

दूसरी तरफ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यमुनोत्री के कपाट भी भैयादूज पर बंद कर दिए गए हैं। खरशाली शनि मंदिर से शनि महाराज क्षेत्र के अन्य देवी-देवताओं की डोली के साथ सुबह यमुनोत्री मंदिर पहुंचे और उसके बाद विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद यमुनोत्री के कपाट बंद कर दिए गए।

शीतकाल में यमुनोत्री के दर्शन अब खरशाली गांव में होंगे। खरसाली गांव में आज बेटी की घर वापसी पर उत्सव का माहौल रहा। खरशाली और आसपास के गांव के लोग विभिन्न पकवान बनाने के साथ ही डोली के स्वागत में फूल बिछाते रहे।

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