पलायन के चलते पहाड़ में एकांकी जीवन जी रहे वृद्धजनों की पीड़ा को दर्शाता ”कबि त आला बौड़ी घर” मार्मिक लोकगीत विमोचित

उत्तराखंड जनपक्ष
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जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून। गांधी जयंती के दिन देहरादून में ‘कबि त आला बौडी घर’ गढ़वाली गीत का विमोचन किया गया। उत्तराखंड के सुर सम्राट नरेंद्र सिंह नेगी इस एल्बम का विमोचन  किया गया। इस गीत को अजय नौटियाल और प्रतीक्षा बमराड़ा ने श्वर दिया है।

खास बात यह है कि इस गीत में पहाड़ से हो रहे पलायन से जन मानसों को रूबरू कराने का प्रयास किया गया है। आजीविका चलाने के लिए पहाड़ों से शहरों की ओर पलाइन करने वाले कतिपय नौजवानों के बुजुर्ग माता-पिता घर पर खेती-बाड़ी कर रहे हैं। वे अपने बच्चों को त्योहारों में घर बुलाने का आवाहन कर रहे हैं।

कबि त आला बौडी गीत मुख्य रूप से पलायन पर आधारित है।
पहाड़ों की वर्तमान दशो दिशा को दर्शाता ये गीत पहाड़ों में एकांकी जीवन जी रहे वृद्धजनों के दुख दर्द को बयां करता है। अजय नौटियाल द्वारा लिखा गया यह मार्मिक गीत पलायन की कहानी पर आधारित है।

ये गीत प्रतीक्षा बमराडा ऑफिसियल यूट्यूब पर रिलीज किया गया, जिसके निर्माता राजेन्द्र प्रसाद बमराडा हैं, जबकि सहनिर्माता अनिल पोखरियाल हैं।

विमोचन अवसर पर चार धाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य शिवप्रसाद ममगाईं, रज्जी फ़िल्म के निर्माता रज्जी गोसाईं, एस डी प्रोडक्शन के निर्माता दौलत राणा, अमित, विवेक, नरेश पाल, ललित, सुरेंद्र कोहली, मुकेश भट्ट, ब्रिज पंवार, कमल जोशी और अखिलेश नौटियाल समेत उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध अभिनेता बिमल बहुगुणा, सुमन गौड़, प्रह्लाद मेहरा, रणजीत सिंह आदि कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।

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