दबंगई: आईएएस की पत्नी की डॉक्टर से बदतमीजी, दो घटे बाद ही कर दिया गया तबादला, क्षुब्ध डॉक्टर ने सौंपा इस्तीफा

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– सुबह पत्नी की स्वास्थ्य जांच के लिए घर पर डाक्टर को भेजा, पत्नी ने की अभद्रता तो दोपहर में डाक्टर को दून से अल्मोड़ा तबादला कर दिया। चार बजे तक डाक्टर को रिलीव भी कर दिया

– काश, स्वास्थ्य सचिव पंकज पांडे ऐसी फुर्ती कोरोना काल में दिखाते

जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में नौकरशाह कितने फुर्तीले हैं, इसका उदाहरण स्वास्थ्य सचिव पंकज पांडेय से लिया जा सकता है। देहरादून में स्वास्थ्य सचिव की पत्नी को अपना चैकअप कराना था। सुबह डा. निधि उनियाल को कहा गया कि पंकज पांडे के घर जाओ और उनकी पत्नी के स्वास्थ्य की जांच करो। डा. निधि अपने दो साथियों क साथ जांच के लिए पंकज पांडे के घर पहुंची। गलती से बीपी मशीन कार में ही छूट गयी। आरोप है कि पंकज पांडे की पत्नी ने डा. निधि और उनके साथी स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया। इससे नाराज डा. निधि उनकी जांच किये बिना वापस दून अस्पताल लौट आई।

डॉ. निधि उनियाल

थोड़ी देर में ही उनको ट्रांसफर लेटर मिल गया कि अल्मोड़ा जाओ। डा. निधि दून मेडिकल कालेज में जनरल मेडिसिन की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। और आज सुबह वो ओपीडी में मरीजों की जांच कर रही थी। मरीजों को छोड़कर स्वास्थ्य सचिव के घर गयी और अपना तबादला करवा बैठी।

बता दें कि डा. निधि ने पिछले दो साल में कोरोना के दौरान दून अस्पताल में पूरा मोर्चा संभाला हुआ था। दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि डा. निधि को रिलीव कर दिया गया है। उनका कहना है कि अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में जरूरत थी। लेकिन सवाल यह है कि स्वास्थ्य सचिव ने इतनी फुर्ती यदि कोरोना काल में दिखाई होती तो प्रदेश में 7500 लोगों की जान नहीं गयी होती।

यह बात भी विचारणीय है कि प्रोटोकॉल के तहत सीएम या गर्वनर के घर ही डाक्टर जा सकता है। इतनी सीनियर डाक्टर को पंकज पांडे के घर नहीं भेजा जाना चाहिए था। वह भी तब डा. निधि ओपीडी ले रहीं थी। यह भी बता दूं कि तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र रावत और तीरथ सिंह रावत दोनों को जब कोरोना हुआ तो वो खुद अस्पताल गए थे। तो क्या पंकज पांडे सीएम से भी बड़े हो गये।

इससे आहत डा. निधि ने अपना इस्तीफा स्वास्थ्य सचिव को भेज दिया है। तबादला आदेश और इस्तीफे की कापी वायरल हो गई है। सबसे अहम बात यह है कि प्रदेश में पहले ही विशेषज्ञ चिकित्सकों का भारी अभाव है। पंकज पांडेय की पत्नी की वजह से एक और उम्दा और कर्मठ डाक्टर दून ने खो दिया है।

यह भी बता दें कि आईएएस पंकज कुमार पांडे वही अफसर हैं जो राज्य के सबसे चर्चित एनएच घोटाले में सस्पेंड भी हो चुके हैं। त्रिवेंद्र सरकार में वह काफी विवादों में रहे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अपने काम के प्रति कितने ईमानदार हैं। पत्नी से विवाद मामले में डॉक्टर का चंद घण्टे में बगैर जांच पड़ताल के तबादला करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। इसको लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं। या इसी तरह मनमानी चलाकर नौकरशाही बेलगामी से काम करते रहेंगे।

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