विजिलेंस दफ्तर में पूछताछ के दौरान रामविलास बोले- ‘मैं तो जवाब बाद में दूंगा, पत्नी को ज्यादा जानकारी’

उत्तराखंड राजनीति
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गिरफ्तार आईएएस अधिकारी यादव ने विजिलेंस दफ्तर में पूछताछ के दौरान पत्नी पर ठीकरा फोड़ा। कहा कि संपत्ति, बैंक लॉकर, लेनदेन आदि के बारे में पत्नी बता सकती हैं। वहीं, 30 सवालों सूची में सवाल पर सवाल निकलते गए और 300 संख्या पहुंच गई। लेकिन यादव ने एक का भी जवाब नहीं दिया।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस दफ्तर में आईएएस रामविलास यादव से अधिकारियों ने सवाल पूछे, तो उन्होंने किसी का भी वाजिब जवाब नहीं दिया। सूची 30 सवालों की थी, लेकिन इनमें सवाल पर सवाल निकलते गए और संख्या 300 पहुंच गई। यादव ने इनमें से ज्यादातर पर कहा कि बाद में उत्तर देंगे। यही नहीं, बहुत से सवालों को उन्होंने पत्नी पर टाल दिया।

कहा कि संपत्ति, बैंक लॉकर, लेनदेन आदि के बारे में पत्नी बता सकती हैं। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को आईएएस रामविलास यादव विजिलेंस ऑफिस पहुंचे थे। यहां विवेचना अधिकारियों ने करीब 13 घंटे पूछताछ की। इसके बाद देर रात करीब सवा दो बजे गिरफ्तार कर लिया गया। इस बाबत गुरुवार को विजिलेंस निदेशक अमित सिन्हा ने पत्रकारों को बताया कि रामविलास यादव से पूछने के लिए 30 सवालों की सूची बनाई गई थी। इनमें उनकी पैतृक संपत्ति, एफडी, बैंक खातों, फ्लैट, बेटी के खातों आदि के बारे में जानकारी लेनी थी, लेकिन उन्होंने शुरुआत से ही विवेचना अधिकारियों को उलझाना शुरू कर दिया।
कहा कि एक-एक सवाल से 10-10 सवाल बने। कुल मिलाकर उनसे 300 से अधिक सवाल पूछे गए। यादव से दिलकश विहार रानीकोठी, लखनऊ स्थित आवास व गुडंबा में स्थित विद्यालय पर किए गए काम के स्रोत के बारे में भी पूछा गया, लेकिन उन्होंने कहा कि इनके बारे में वह बाद में उत्तर देंगे। क्रमवार पूछताछ में उन्होंने ज्यादातर सवालों के उत्तर अपनी पत्नी पर टाल दिए। कहा कि उनकी पत्नी ही उत्तर दे पाएंगी। जब उन्होंने किसी सवाल का वाजिब उत्तर नहीं दिया तो उन्हें देर रात गिरफ्तार किया गया।
पत्नी पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटका गए
यादव ज्यादातर सवालों को अपनी पत्नी पर ही टालकर गिरफ्तारी की तलवार उन पर भी लटका गए। इसके लिए विजिलेंस ने उनकी पत्नी कुसुम विलास यादव को भी बुलाया, पर वह विजिलेंस के सामने पेश नहीं हुईं। दरअसल, लखनऊ में स्कूल भी उनकी पत्नी के नाम पर संचालित है। नोएडा में जो फ्लैट खरीदा गया था, वह भी पत्नी के नाम पर ही है। इस बारे में राम विलास यादव ने विजिलेंस को बताया कि उस वक्त वह अपनी बेटी के नाम से फ्लैट खरीदना चाहते थे, लेकिन वह नाबालिग थी। ऐसे में यह फ्लैट उनकी पत्नी के नाम पर खरीदा गया। बताया जा रहा कि इस तरह से उनकी पत्नी भी कानूनी जांच में फंस सकती हैं।

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