देश के 22 राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी पेयजल विभाग बने राजकीय विभागः इंजीनियर एसके शर्मा

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल चुनाव
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– देहरादून में सोमवार को संपन्न हुआ उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, जल संस्थान का पंचम महाधिवेशन
– अधिवेशन में संघ की नई प्रांतीय कार्यकारिणी का भी हुआ चुनाव, मनोज बर्गली अध्यक्ष और जयपाल चौहान महासचिव निर्वाचित 
देहरादून। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, उत्तराखंड जल संस्थान के पंचम महाधिवेशन सोमवार को देहरादून के होटल में संपन्न हुआ। इस दौरान संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी का भी चुनाव हुआ, जिसमें इंजीनियर मनोज बर्गली को प्रांतीय अध्यक्ष और इंजीनियर जयपाल सिंह चौहान को प्रांतीय महासचिव चुना गया। इससे पूर्व अधिवेशन में संघ पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक सुधीर कुमार शर्मा को एक मांग पत्र सौंपा, जिस पर सीजीएम ने बिंदुवार चर्चा कर शीघ्र ही सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया।
महाधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर बोलते हुए बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक इंजीनियर सुधीर कुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने कहा कि देश के 22 राज्यों में पेयजल विभाग राजकीय विभाग है। जल संस्थान और जल निगम का एकीकरण कर एक विभाग बनाया जाना चाहिए। उत्तराखंड में जल से जुड़े कई विभाग है, जिससे पब्लिक को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। राजकीय विभाग बनने से कार्यों में एफिशिएंसी ही नहीं आएगी, बल्कि जनता को भी सीधा लाभ मिलेगा और अभियन्ता और कर्मचारी भी और बेहतर ढंग से कार्य कर सकेंगे। उन्होंने पेयजल विभाग के राजकीयकरण के लिए अभियंता महासंघ से सहयोग की अपील भी की है।
सीजीएम शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड जल संस्थान कार्मिकों के वेतन-पेंषन आदि के लिए सरकार से कोई अनुदान नहीं लेती है। संस्थान अपने बूते पर सभी खर्चे को वहन खुद करता है। लेकिन कोविड-19 के दौरान राजस्व वसूली कम होने से दिक्कतें आई, जिसे धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिवेशन में मुख्य अतिथि को दिया जाने वाला मांग पत्र नहीं, बल्कि अधिकार पत्र होना चाहिए। क्योंकि इस मांग पत्र में एक भी मांग गलत नहीं होती है। इसलिए अधिकार पत्र में इंगित सभी मांगों का समाधान हर हाल में हो जाना चाहिए।
इंजीनियर एसके शर्मा ने सभी अभियंताओं का अह्वान करते हुए कहा कि जल संस्थान का उद्देष्य हर घर को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है। इसलिए ध्यान रखें कि इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आए दिन शिकायतें मिलती रहती है कि फील्ड स्टाफ उपभोक्ताओं का फोन रिसीव नहीं करते हैं, यह बेहद चिंताजनक बात है, इसमें त्वरित सुधार लाया जाए। क्यूंकि फोन रिसीव करने पर आधी समस्या स्वतः हल हो जाती है। उन्होंने कहा कि जनता की मांगों का सब डिवीजनों में निस्तारण हो, इसके लिए प्रदेश के 95 ब्लाकों में 95 सब डिवीजन खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसकी जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
सीजीएम सुधीर शर्मा ने कहा कि अभियंताओं और कर्मचारियों की डीपीसी का एक भी प्रस्ताव विभाग में लंबित नहीं है। रिक्त पदों के लिए अभियंताओं की पात्रता पूरी नहीं है, जिसमें षासन स्तर से षिथिलता देने की मांग की गई है। तब तक रिक्त पदों को प्रभारी व्यवस्था से भर कर कार्य करने किया जा रहा है। जून 2021 के बाद के बाद अर्हर सभी कार्मिकों को डीपीसी का तोहफा दीवाली से पहले दिया जाएगा।
उन्होंने मांग पत्र में संघ भवन के निर्माण के लिए मांगी गई 20 लाख की धनराशि की जगह 40 लाख की स्वीकृति का भरोसा दिया। कहा कि संघ भवन के लिए अन्यत्र जमीन तलाश की जाए, जहां पर पार्किंग की सुविधा मिल सके। मांग पत्र में वर्णित सभी मांगों पर उन्होंने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कहा कि विभाग का राजकीयकरण होने से लगभग सभी समस्याएं हल हो जाएंगी। उन्होंने कोरोनाकाल में इंजीनियर और अन्य कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की है। कहा कि कोरोनाकाल में पेयजल वितरण व अन्य प्रकार की कोई भी शिकायतें पब्लिक की ओर से नहीं आई है।
कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर हरीश चंद्र नौटियाल ने कहा कि कोरोना काल में अधिवेशन आायोजित कराने वाला जल संस्थान पहले नंबर पर आ गया है। इसके लिए संघ के पदाधिकारियों को बधाई दी। कहा कि इंजीनियरिंग की सीमाएं अनंत हैं। उन्होंने अभियंताओं से अपील की है कि वह अपने कार्य के दम पर प्रदेश की तस्वीर बदलने में जुट जाएं। जल संस्थान से इसकी शुरुआत होनी चाहिए।
कार्यक्रम की का समापन करते हुए संघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरीश  पंत ने सभी अतिथियों और संघ के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का अधिवेशन में शिरकत करने के लिए आभार जताया। अधिवेशन के दूसरे सत्र में संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी का चुनाव संपन्न हुआ। अध्यक्ष पद को छोड़कर बाकी सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
चुनाव अधिकारी के रुप में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रांतीय महासचिव अजय बेलवाल और डिप्लोमा इंजीनयिर्स संघ, सिंचाई विभाग के प्रांतीय महासचिव अनिल पंवार मौजूद रहे। चुनाव निर्विरोध सम्पन्न कराया गया। चुनाव संपन्न होने के बाद डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय महासचिव और चुनाव अधिकारी इंजीनियर अजय बेलवाल ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
अधिवेशन में जल संस्थान की महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग, आरके रोहिला, ओएसडी एलके अद्लखा, अधीक्षण अभियंता विनोद रमोला, नमित रमोला, सचिव अप्रैजल मनीष सेमवाल, सचिव प्रशासन सतेंद्र गुप्ता, प्रशांत सेमवाल, प्रशांत वर्मा, अनूप सेमवाल और राघवेंद्र डोभाल आदि मुख्य रुप से मौजूद रहे।
ये चुने गए प्रांतीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी 
मनोज बर्गली-                    अध्यक्ष
रेवत सिंह रावत-                 उपाध्यक्ष
जयपाल सिंह चैहान-           महासचिव
एएम कंसल-                      वरिष्ठ उपाध्यक्ष
त्रेपन सिंह रावत-                 सचिव प्रोन्नत
भगत सिंह रावत-                कोषाध्यक्ष/लेखालिपिक
मोनिका बिष्ट-                     संगठन सचिव गढ़वाल
ललित मोहन ऐठानी-            संगठन सचवि कुमाऊं
जुनैद गौड़-                         प्रचार-प्रसार सचवि मीडिया प्रभारी
बहादुर सिंह क्वार्बी-             उपाध्यक्ष कुमाऊं
विनोद पांडे-                        कार्यकारिणी संरक्षक गढ़वाल
कार्यकारिणी सदस्य गढ़वाल
दिनेष पुरोहित, अजय सैनी, हरदेव आर्य, जगदीश सिंह, नीरज त्रिपाठी
कार्यकारिणी सदस्य कुमाऊं
शेखर जोशी, धीरज मेहता, रविंद्र पाठक, आनंद बल्लभ जोशी, विरेंद्र मेहता

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