उत्तराखंड: भ्रष्टाचार के मामले में वन विभाग के दो अधिकारी सस्पेंड, एक मुख्यालय अटैच

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जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। वन मंत्री की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग के दो वरिष्ठ आईएफएस को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा विवादों में घिरे एक आईएफएस को पद से हटाते हुए मुख्यालय अटैच किया है। सरकार की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है।

उत्तराखंड में अभी तक एनएच 74 घोटाले में दो आईएएस अफसरों को त्रिवेंद्र सरकार ने सस्पेंड किया था। हालांकि बाद में दोनों बहाल हो गए थे। लेकिन पुष्कर सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में यह सबसे बड़ी कार्रवाई की है। धामी सरकार ने तीन आइएफएस अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसमें एपीसीसीएफ जेएस सुहाग और आईएफएस किशनचंद को सस्पेंड किया गया है। वहीं, कार्बेट डायरेक्टर राहुल को हटाकर वन मुख्यालय अटैच किया गया है। उनकी जगह सीसीएफ कुमाऊं को चार्ज दिया गया है।

बुधवार को तीन आइएफएस अफसरों के खिलाफ बड़ी करवाई की गई है। वन मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार एपीसीसीएफ जेएस सुहाग और डीएफओ रहे किशनचंद को सस्पेंड कर दिया गया है। किशनचंद पर डीएफओ कालागढ़ और सुहाग पर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन रहते हुए पाखरो में टाइगर सफारी के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग, अवैध निर्माण और कटान सहित कई आरोप थे। जिसकी विजिलेंस ने भी जांच की थी और उन्हें दोषी पाया गया था।

इसके अलावा विभागीय एसआईटी जांच में भी इनको दोषी पाया गया था। उसी के आधार पर सरकार ने ये बड़ी कार्रवाई की। कार्बेट निदेशक राहुल को भी इसी मामले में हटाया गया है। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने निलंबन और हटाने के आदेश किए।

 

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