सूर्यधार झील में गम्भीर अनियमितता पर भड़के मंत्री, बोले बगैर अनुमति के बढाई डैम की ऊंचाई

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल राजकाज
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मंत्री ने कहा, अफसरों की कोई कार्य संस्कृति न होना दुर्भाग्यपूर्ण, मनमर्जी से कर रहे काम, भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी नहीं बख्से जाएंगे 

जनपक्ष टुडे ब्यूरो, देहरादून। सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने आज सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अफसरों की जमकर क्लास लगाई। खासकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट सूर्यधार झील को 7 से 10 मीटर बिना अनुमति के बढ़ाने पर सतपाल महाराज ने अफसरों से कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पता चलता है कि हमारी कोई कार्य संस्कृति ही नहीं है। हम जो चाहे बिना अनुमति के करते रहें, शर्म की बात है कि इतनी तकनीकी और ज्ञान रखने के बावजूद भी कहीं की स्कीम को कहीं फिट कर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि इस तरह के गलत कार्यों के लिए किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सतपाल महाराज ने अफसरों से कहा कि एक ओर हम बाढ़ सुरक्षा कार्यों के बारे में बात करते हैं और उसके लिए कार्य भी करते हैं। जबकि वहीं दूसरी ओर मानक और तकनीकी के विपरीत कार्य करते हैं। मंत्री ने कहा कि धांधली करने वाले की वह तलाश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि मंत्री इस मामले में आगे क्या निर्णय लेते हैं। हालांकि मंत्री की फटकार केे बाद एचओडी मुकेश मोहन से लेकर दूसरे अफसर सहमे हुए नज़र आये।

पर्यटन और बीकेटीसी में लगाई क्लास

इससे पहले पर्यटन मंत्री महाराज ने कुछ दिन पहले बद्री केदार मंदिर समिति और पर्यटन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जमकर क्लास लगाई। मंत्री ने साफ कहा कि पर्यटकों के प्रति गंभीरता से पेश आएं। लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। खासकर इस बार रिकॉर्ड पर्यटक चारोधाम में आ रहे हैं। ऐसे में हमे अच्छी सुविधाएं देनी हैं।

मंत्री ने ये बात भी कही

देहरादून स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय के सभागार में मंत्री ने विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को तत्काल भरने का आदेश दिया एवं यह भी कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है सभी अधिकारी, कर्मचारी मन लगाकर काम करें, जो सही काम करेगा उसे सम्मान मिलेगा। कहा कि यात्रा को सफल बनाना है और बरसात से पूर्व सभी कार्यों को पूर्ण करना है। साथ ही सूर्यधार झील जैसी गलती को अक्षम्य बताते हुए कहा की एक ओर हम बाढ़ सुरक्षा कार्यों के बारे में बात करते हैं और उसके लिए कार्य भी करते हैं जबकि वहीं दूसरी ओर मानक और तकनीकी के विपरीत कार्य करते हैं।

जानबूझकर इस तरह से कार्य करने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। ये भी निर्देश दिए की विभागीय अधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों को भी कार्यों से संबंधित जानकारी देते रहें। महिला मंगल एवं युवक मंगल दलों को काम दिया जाए। समय समय पर प्रदेश के सभी जलाशयों की मॉनिटरिंग की जाये और गंगा एवं भागीरथी सहित अन्य नदियों के बढ़ते लेवल को ठीक किया जाये। एवं अधिकारियों को दूरभाष पर वार्ता कर टिहरी झील के किनारे तार बाड़ करने के लिए भी निर्देश दिये। बैठक के दौरान यह भी बताया कि टिहरी बांध प्रभावित 415 विस्थापितों के पुनर्वास के लिए धनराशि वितरण का कार्य शीघ्र किया जाएगा।

 

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