देश का 2021 का आम बजट पेश, बुजुर्गों को राहत, क्या हुआ महंगा, क्या हुआ सस्ता, पढ़े पूरी खबर

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  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। बजट में बुजुर्गों राहत देने के साथ की किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आम बजट- 2021 पेश किया। उन्होंने इस बार ब्रीफकेस व बहीखाता के बजाय टैबलेट से बजट पेश किया। बजट में बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है। राहत यह है कि अब 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टैक्स नहीं भरना पड़ेगा। संसद में वित्तमंत्री के बजट भाषण के दौरान नारेबाजी होती है। कोरोनाकाल के बाद यह पहला बजट है।

सोमवार को पेश बजट में सरकार ने स्वास्थ्य और कोरोना वैक्सीन को लेकर प्रमुखता से ऐलान किया। वित्तमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट डिजिटल है। जीडीपी (GDP) लगातार दो बार माइनस में हो गई है। लेकिन, ग्लोबल इकॉनोमी ही सुस्त है। साल 2021 ऐतिहासिक साल है, जिस पर देश की नजर है। ऐसे मुश्किल समय में भी मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और आम लोगों को सहायता पहुंचाने का काम कर रही है।

ये वस्तुएं हुई महंगी

मोबाइल फोन और मोबाइल फोन के पार्ट, चार्जर
गाड़ियों के पार्ट्स
इलेक्ट्रानिक उपकरण
इम्पोर्टेड कपड़े
सोलर इन्वर्टर, सोलर से उपकरण
कॉटन

ये हुआ सस्ता?

स्टील से बने सामान
सोना
चांदी
तांबे का सामान
चमड़े से बने सामान
वित्त मंत्री सीतारमण ने टैबलेट से पढ़ा बजट भाषण

आज पेश हुए आम बजट के मुख्य बिंदु

-राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भागीदारी के साथ 100 नये सैनिक स्कूल स्थापित किये जाएंगे। 15,000 स्कूलों का मजबूत बनाया जाएगा।
सरकार युवाओं के लिये अवसर बढ़ाने को लेकर प्रशिक्षु कानून में संशोधन भी होगा।

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर आकलन मामलों को फिर से खोलने की समय सीमा छह साल से घटा कर तीन साल कर दी। इसके साथ ही कर धोखाधड़ी से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों में जहां छिपायी गयी आय 50 लाख रुपये या उससे अधिक है, यह अवधि 10 साल होगी।

-सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के अपने बजट भाषण में यह घोषणा भी की कि केवल पेंशन व ब्याज आय वाले 75 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। ब्याज का भुगतान करने वाले बैंक अपनी ओर से कर की कटौती कर लेंगे

-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों से पूंजीगत लाभ, लाभांश आय, बैंकों व डाकघरों से ब्याज आय के विवरण के साथ पहले से भरे हुए आयकर रिटर्न जल्द ही उपलब्ध होंगे।

– 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आमदनी वाले छोटे करदाताओं के लिए एक विवाद समाधान समिति गठित की जाएगी। 1.10 लाख करदाताओं ने कर विवादों के हल के मुख्य प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना का लाभ उठाया है.।बजट में ‘फेसलेस इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल’ शुरू करने का भी प्रस्ताव किया गया है

– आत्मनिर्भर भारत पैकेज समेत कई योजनाओं को कोरोनाकाल में लाया गया, ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बढ़ाया जा सके। आत्मनिर्भर भारत पैकेज में कुल 27.1 लाख करोड़ रुपये की मदद जारी की गई, ये सब कुछ पांच मिनी बजट के समान थी।

-वायु प्रदूषण से निबटने के लिए 2000 करोड़ का पैकेज रखा गया है।
कोविड वैक्सीन के लिए इस साल 35 हजार करोड़ दिए गए। जबकि, स्वास्थ्य के लिए 2.23 हजार करोड़ से ऊपर का आवंटन।

-स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा, इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए।

-पूंजीगत खर्च में 5.54 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव और स्वास्थ्य बजट 94,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.38 लाख करोड़ रुपये हुआ।

-केरल में 1100 किलोमीटर का राजमार्ग बनेगा। 675 किलोमीटर का राजमार्ग पश्चिम बंगाल में बनेगा। 19,000 करोड़ रुपये की हाईवे योजना असम में, जबकि, तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट 1.03 लाख करोड़ लागत से बनेगा। वित्तमंत्री ने केरल में सड़क, राजमार्ग परियोजनाओं के लिये 65,000 करोड़ रुपये व असम के लिये 3,400 करोड़ रुपये आबंटित किए।

-वित्त मंत्री ने विधानसभा चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल के लिए 25,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की घोषणा की।

-राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार हो गई है। कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का बजट रेलवे को दिया गया।

-बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम, जो देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेगा। बिजली उपभोक्ताओं को वितरण कंपनियों का विकल्प देने के लिये नियम बनाए जाएंगे।

-वित्त मंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 2,000 करोड़ से अधिक की सात बंदरगाह परियोजनाओं की घोषणा की।
सरकार हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए अगले वित्त वर्ष में हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती है।

बिजली उपभोक्ताओं को एक से अधिक वितरण कंपनियों में से किसी को चुनने का विकल्प देने के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी। पिछले छह साल में बिजली क्षेत्र में कई सुधार किये गये। कुल क्षमता में 1,38,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी गई।

-वित्त मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये 18,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की।

-वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रॉड गेज रेलवे लाइन के शत प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाएगा।

-पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए सरकार राज्यों और स्वायत्त निकायों को दो लाख करोड़ रुपये मुहैया कराएगी। कृषि अवसंरचना कोष को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये, सूक्ष्म सिंचाई परियोजना कोष को दोगुना कर 10,000 करोड़ रुपये किया गया।
सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ठेका कर्मचारी को भी शामिल किया जाएगा।

-लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। एक देश, एक राशन कार्ड योजना 32 राज्यों में क्रियान्वनाधीन।

-सरकार ने अनुबंध से जुड़े विवादों के तेजी से समाधान के लिये सुलह व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव। ठेका श्रमिकों, भवन और निर्माण श्रमिकों के बारे में जानकारी जमा करने के लिए सरकार ने पोर्टल का प्रस्ताव रखा।

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