सचिव राधिका झा ने की ऊर्जा कार्मिकों की सराहना, बोली, कोरोनाकाल में हो रहे ऊर्जा निगमों में निरंतर निर्बाध गति से काम

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल राजकाज
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– ऊर्जा सचिव ने अफसरों को दिए निर्देश, कार्मिकों का कोविड टीकाकरण प्राईवेट अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाए सुनिश्चित

देहरादून। मंगलवार को सचिव ऊर्जा राधिका झा ने यूपीसीएल, पिटकुल, यूजेवीएन लिमिटेड और उरेडा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में बिलिंग दक्षिता बढ़ाना, रुड़की में स्मार्ट मीटर लगाना, पहाड़ों में स्थानीय निवासियों के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए सोलर एवं पाइन नीडिल परियोजनाओं की स्थापना, व्यासी परियोजना को ससमय पूर्ण करने को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी  किए।

बैठक में सचिव ऊर्जा ने कोविड-19 महामारी के समय में यूपीसीएल, यूजेवीएन लिमिटेड, पिटकुल एवं उरेडा में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा संपादित किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई।

ऊर्जा विभाग के अधीन निगम और अभिकरण में कार्यरत कर्मी जो कोविड-19 संक्रमण के कारण दिवंगत हो गए हैं उनका उत्तराखंड शासन के द्वारा निर्धारित अनुदान राशि के भुगतान के लिए संबंधित निगम प्रस्ताव शासन को तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किए जाने को कहा है।

इसके अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के अधीन समस्त निगमों के अधिकारियों एवं कार्मिकों को कोविड-19 टीकाकरण कराए जाने को निर्देशित किया गया। साथ ही कार्यक्षेत्रों में कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किए जाने की अपेक्षा की गई।

उनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि ऊर्जा विभाग के कार्मिकों एवं अधिकारियों को भी टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर कराए जाने को हर स्तर पर अनुरोध भी किया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि निजी अस्पतालों में कोविड वैक्सीनेशन की उपलब्धता हो तो निगम स्तर के खर्च पर संबंधित निगमों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वैक्सिनेशन की कार्यवाही की जाए।

सचिव ने मुख्य रुप से विद्युत आपूर्ति के लिए मानसून की तैयारी, अस्पतालों एवं ऑक्सीजन प्लांट में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, राजस्व वसूली, मीटरिंग, बिलिंग एवं कलेक्शन के सशक्तिकरण, स्मार्ट मीटरिंग, भारत सरकार की वित्त पोषित परियोजनाओं की स्थिति, निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाओं, पारेषण परियोजनाओं, सोलर परियोजनाओं, पाइन नीडिल परियोजनाओं इत्यादि की प्रगति एवं ग्राम एलईडी लाइट प्रोग्राम की अद्यतन स्थिति इत्यादि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा अवगत कराया गया कि मानसून अवधि की सारी तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति को उनके पास पर्याप्त मात्रा में आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं।

ऑक्सीजन प्लांट को निर्बाध विद्युत आपूर्ति किए जाने के लिए विभिन्न उच्च स्तरों से लगातार समीक्षा की जा रही है। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि निगम द्वारा राजस्व वृद्धि हेतु विभिन्न उपाय यथा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना, कलेक्शन सेंटर में वृद्धि इत्यादि किए जा रहे हैं।

भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजनाएं यथा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत शेष 35 हैमलेट के विद्युतीकरण का कार्य जून 2021 तक पूर्ण किया जाना लक्ष्यांवित है। इसके अतिरिक्त आईपीडीएस के अंतर्गत 80 फेज़-2, आरटी-डास का कार्य पूर्ण कर लिया गया है एवं शेष कार्य प्रगति पर है।

प्रबंध निदेशक पिटकुल ने अवगत कराया गया कि मानसून अवधि में निर्बाध विद्युत पारेषण की तैयारियां की जा रही हैं एवं ऑक्सीजन प्लांटों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त पिटकुल के अंतर्गत विभिन्न निर्माणाधीन उप संस्थानों का कार्य प्रगति पर है और समय से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।

प्रबंध निदेशक यूजेवीएन लिमिटेड संदीप सिंघल ने अवगत कराया कि यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा समस्त विद्युत गृहों का ससमय अनुरक्षण एवं परिचालन सुनिश्चित करते हुए एवं समस्त विद्युत गृहों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 24 x 7 संचालित कर ऊर्जा उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान तक निर्धारित किए गए लक्ष्य से समस्त मशीनों की उपलब्धता एवं उत्पादन अधिक रहा है।

कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए व्यासी परियोजना व अन्य लघु जल विद्युत परियोजनाओं समेत आरएमयू परियोजनाओं का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण किए जाने के लिए निगम प्रयासरत है। व्यासी परियोजना के विभिन्न कार्मिक कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे, जिसके कारण परियोजना का निर्माण पूर्ण होने में 1 माह का विलंब संभावित है।

यूजेवीएन लिमिटेड के विभिन्न विद्युत गृहों में कार्यरत लगभग 50% कर्मचारियों का टीकाकरण कराया जा चुका है एवं सचिव द्वारा दिए गए निर्देशानुसार कोविड के दृष्टिगत कार्मिकों के लिए बाहरी अस्पतालों से इलाज, मेडिकल किट की उपलब्धता इत्यादि सुनिश्चित की गई है।

निदेशक उरेडा द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान तक कुल 1011 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 354 परियोजनाओं के लिए आवंटन पत्र जारी किया जा चुका है तथा 196 परियोजनाओं हेतु उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के द्वारा पीपीए हस्ताक्षरित किया जा चुका है।

निविदा के आधार पर 203.75 मेगावाट की 283 सौर परियोजनाएं आवंटित की गई थी, जिसमें से 26.3 मेगावाट की 53 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं तथा शेष निर्माणाधीन हैं। उरेडा द्वारा आवंटित पिरूल से विद्युत उत्पादन एवं ब्रिकेट परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 62 परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी है।

जिसमें से वर्तमान तक 6 विद्युत परियोजनाएं एवं 1 ब्रिकेट परियोजनाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष निर्माणाधीन हैं। सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के अंतर्गत वर्तमान तक 6345 स्ट्रीटलाइट स्थापित की जा चुकी हैं। एलईडी ग्राम लाइट प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना के अंतर्गत 812 लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

प्रस्तुतीकरण के उपरांत सचिव ऊर्जा ने ऊर्जा निगमों एवं उरेडा को यह निर्देशित किया कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्व चेतावनी के अनुसार विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने को सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए।

विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही best practices का अध्ययन कर उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड में लागू करने के लिए विचार किया जाए। विद्युत बाधित होने की दशा में त्वरित कार्रवाई करने तथा बाधित समय कम से कम रखने के पूरे प्रयास किए जाएं।

उरेडा द्वारा विभिन्न विकास कर्ताओं को आवंटित सोलर परियोजनाओं के क्रियान्वयन को विभिन्न स्तर पर पूर्ण सहयोग किया जाए। जिन विकास कर्ताओं द्वारा परियोजनाओं का क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। केंद्र सहायतित सोलर स्ट्रीट लाइटों की पूर्ति एवं स्थापना के कार्यों में तेजी लाई जाए।

पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक रूप से सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना होने के दृष्टिगत भविष्य में इन परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को प्रशिक्षित तकनीशियनों की आवश्यकता के कौशल विकास विभाग के माध्यम से आईटीआई प्रशिक्षित व्यक्तियों को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने की कार्रवाई की जाए।

यूजीवीएन लिमिटेड अपने समस्त विद्युतगृहों का समय पर अनुरक्षण सुनिश्चित करते हुए वार्षिक उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करना सुनिश्चित करे। विद्युतगृहों की समस्त मशीनों की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। व्यासी परियोजना का निर्माण आईआईएससी बोर्ड द्वारा दी गई समयावधि के अंतर्गत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।

लघु जल विद्युत परियोजनाएं सुरिंगगाड-2 एवं कालीगंगा-2 का निर्माण कार्य त्वरित गति से पूर्ण करते हुए उत्पादन प्रारंभ किया जाए। यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा मौसम के अनुमान के अनुसार हाइड्रोलॉजी आंकलन करते हुए उत्पादन फोरकास्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए एवं एवं समन्वय किया जाए।

सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित जिलाधिकारियों के साथ नियमित रूप से संवाद किया जाए।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बिलिंग दक्षता 90% तथा संग्रहण दक्षता 99% प्राप्ति लक्ष्य निर्धारित किए गए तथा इस वर्ष को बिलिंग दक्षता वर्ष के रूप में क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया गया। विद्युत क्रय मूल्य को optimize करने के लिए अन्य राज्यों में लागू Best Power Purchase Planning का अध्ययन किया जाए।

रुड़की में स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन शीघ्र किया जाए। डिजिटल भुगतान प्राप्ति का लक्ष्य 62% से बढ़ाकर 80% निर्धारित किया गया। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) के अंतर्गत किए गए विद्युतीकरण के कार्यों का निरीक्षण एवं सत्यापन पुनः किया जाए।

चार धाम की निर्बाध विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को नामित किया जाए जो स्थल पर निरीक्षण भी करेंगे।

विभिन्न निगमों के अधिकारियों के द्वारा अपने कार्यस्थलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया गया। समस्त निगमों के विभिन्न जनपदों के अधिशासी अभियंताओं से लेकर शासन के अनुभाग अधिकारी स्तर तक के सभी अधिकारी एक साथ बैठक में उपस्थित रहे, जिससे समन्वय एवं क्रियान्वयन बेहतर हो सके।

बैठक में प्रभारी सचिव ऊर्जा, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल एवं निदेशक उरेडा डॉ. नीरज खैरवाल, अपर सचिव ऊर्जा भूपेश तिवारी, प्रबंध निदेशक यूजेवीएन लिमिटेड संदीप सिंघल समेत सभी निगमों के निदेशक, मुख्य परियोजना अधिकारी उरेडा और शासन स्तर के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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