शर्मनाक: जांच में हुआ खुलासा, उत्तराखंड के इस प्राईवेट अस्पताल ने छिपाई 65 कोरोना मरीजों की मौतें

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देहरादून। कोरोनकाल में प्राईवेट अस्पताल सिर्फ और सिर्फ लूट-खसोट का कारोबार चला रहे हैं। उन्हें इंसान और इंसानियत से कोई केना-देना नहीं है। शिकायत के बााद राजधानी के चार अस्पतालों ने ली गई लाखों रुपये की रकम लौटा करके यह साबित भी कर दिया है।

सरकार कह रही है कि कोरोना का इलाज फ्री है, लेकिन प्राईवेट अस्पताल लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं। बेशर्मी की हद तो यह है कि अस्पताल कोरोना मरीजों की मौत को भी छुपा रहे हैंं। यह कोई सुनी सुनाई बात नहीं है, ब्लकि जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। हरिद्वार में एक ऐसा मामला सामने आया है। इसने प्रकरण ने  निजी अस्पतालों की असलियत उजागर की है।

सूत्रों से मिली जानकारी जे अनुसार हरिद्वार जिले के एक निजी अस्पताल ने कोरोना मरीजों की मौत की जानकारी छिपाए रखी। 19 दिनों के बाद अस्पताल में 65 मरीजों की मौत का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
हरिद्वार स्थित बाबा बर्फानी हॉस्पिटल प्रशासन ने कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी है।
सरकार की ओर से पूर्व में भी कोरोना का इलाज कर रहे अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि कोरोना मरीजों की मौत की सूचना 24 घंटे के भीतर राज्य कोविड कंट्रोल रूम को दें।
बाबा बर्फानी हॉस्पिटल में 25 अप्रैल से 12 मई तक उपचार के दौरान 65 कोरोना मरीजों की मौत हुई थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से इसकी सूचना राज्य कोविड कंट्रोल रूम को नहीं दी गई।
राज्य कोविड कंट्रोल रूम के चीफ आपरेटिंग आफिसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर न देने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
जांच के बाद मरीजों की मौत की जानकारी सामने आई है। इस सम्बंध में शासन को अवगत करा दिया गया है।

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