राजस्व वसूली के आदेश को वापस ले यूपीसीएल प्रबन्धन, यूपीजेईए ने दी आंदोलन की धमकी

उत्तराखंड
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देहरादून। ऊर्जा निगम में राजस्व वसूली सम्बन्धी एक आदेश पर बवाल खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि यह आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक है। राजस्व वसूली के सापेक्ष फील्ड कार्मिकों का वेतन निर्धारण करना पूरी तरह तर्कहीन और तानाशाही है, जिसे कर्मचारी किसी भी सूरत ने बर्दाश्त नहीं करेंगे। यूपीसीएल प्रबंधन जे इस आदेश से निगम कार्मिकों ने भारी आक्रोश है।

शनिवार को उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन (यूपीजेईए) की आज विकास सदन, माजरा में एक आपात ऑनलाइन बैठक बुलाई गई। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने प्रबन्ध निदेशक के उस आदेश का एक श्वर ने विरोध किया गता। कहा कि सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता का वेतन राजस्व वसूली व लाइन लॉस से जोड़े जाने के आदेश नियमों के खिलाफ है। इस कर्मचारी विरोधी आदेश को निगम प्रबन्धन से तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

बैठक में एसोसिएशन के प्रान्तीय महासचिव पवन रावत ने कहा कि यूपीसीएल में अवर अभियंता, सहायक अभियंता एवं लाइन स्टाफ के सैकड़ों पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। संगठन लम्बे समय से इन्हें भरे जाने की माँग कर रहा है, लेकिन प्रबन्धन रिक्त पदों पर नियुक्तियों के स्थान पर फील्ड में पहले से ही कार्यरत कार्मिकों को दोहरा तिहरा कार्यभार दिया गया है।

इससे कार्मिकों पर अतिरिक्त बोझ उत्पन्न होने से वे अपने मूल दायित्व का निर्वहन भी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना महामारी के दौर में भी समस्त फील्ड के कार्मिक पूरी निष्ठा एवं लगन से विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति में जुटे हैं। इस पर प्रबन्ध निदेशक का यह आदेश समस्त फील्ड के कार्मिकों का मनोबल गिराने वाला है। इसलिय यूपीजेईए इस आदेश को तुरन्त वापस लिए जाने की माँग करता है।

प्रान्तीय अध्यक्ष केडी जोशी ने कहा कि प्रबन्ध निदेशक के आदेश से फील्ड में तैनात कार्मिकों में घोर निराशा है। विरोधस्वरूप यूपीजेईए के सदस्य सोमवार को 12 बजे ऊर्जा भवन में गेट मीटिंग करेंगे। इसके बाद प्रबन्ध निदेशक को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

केंद्रीय महासचिव सन्दीप शर्मा ने कहा कि यूपीजेईए आदेश की कड़ी निंदा करता है। सोमवार को इस आदेश को निरस्त किये जाने हेतु प्रबन्ध निदेशक को ज्ञापन सौंपने के साथ ही पुरजोर विरोध किया जाएगा।

शर्मा ने कहा कि ज्ञापन देने के पश्चात भी यदि आदेश वापस नहीं किया जाता है और एसोसिएशन के किसी भी सदस्य का वेतन काटा जाता है, तो तत्काल कार्य बहिष्कार प्रारम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऊर्जा स्टाफ सुपरवाइजर एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन ने यूपीजेईए के विरोध को अपना समर्थन दिया है। बैठक का संचालन प्रान्तीय उपाध्यक्ष दीपक पाठक ने किया।

बैठक में बबलू सिंह, प्रमोद भंडारी, अरविन्द नेगी ,आर पी नौटियाल , मनोज कंडवाल , भीम आर्य, आरिफ अली, सतपाल तोमर, नितिन बुड़ाकोटी, श्याम सुन्दर आदि मौजूद रहे।

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