बड़ी सफलता: NIM ने फिर फतह की दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी एवरेस्ट, इनके नाम दर्ज हुए रिकॉर्ड

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– जिम और निम ने संयुक्त अभियान में दर्ज किया रिकॉर्ड, जल्द भारत लौटेगी टीम

– 2009 में कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में निम ने दर्ज कराए कई रिकॉर्ड

देहरादून। नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) ने एक बार फिर दुनिया की सबसे चोंटी एवरेस्ट फतह कर दुनिया के सामने भारत और उत्तराखंड का सम्मान बढ़ाया है।

एनआईएम ने यह उपलब्धि जिम ( जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग) पहलगाम जम्मू-कश्मीर के साथ संयुक्त अभियान में हासिल की है।

एनआईएम के प्रिंसिपल और दो अन्य सदस्यों ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर रिकॉर्ड बनाया है। जल्द एनआईएम और जीआईएम की टीम नेपाल से भारत लौटेगी। इसके बाद सदस्यों का भव्य स्वागत किया जाएगा।

दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी एवरेस्ट फतह करने गई एनआईएम और जीआईएम के संयुक्त अभियान दल के छह सदस्यों ने आज मंगलवार की सुबह 6.20 बजे आरोहण में सफलता पाई है।

एवरेस्ट आरोहण के लिए निम और जिम का यह पहला संयुक्त अभियान था, जो सफल रहा है। गत अप्रैल में यह दल जिम के प्रधानाचार्य कर्नल आईएस थापा के नेतृत्व में एवरेस्ट अभियान के लिए दिल्ली से रवाना हुआ।

इस अभियान दल में डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट को दी गई। जबकि अभियान दल के अन्य पर्वतारोहियों में निम के प्रशिक्षक दीप साही, हवलदार अनिल, जिम के प्रशिक्षक हवलदार इकबाल खान, चंदन नेगी एवं महफूज इलाही शामिल हुए।

गत 12 अप्रैल को यह संयुक्त अभियान दल एवरेस्ट के बेस कैंप पहुंचा। जिसके बाद दल बेस कैंप खुंबू ग्लेशियर क्षेत्र में वहां के मौसम के अनुकूल ढलने के लिए अभ्यास किया।

एवरेस्ट आरोहण के लिए मौसम खुलने का भी इंतजार किया। 30 मई एवरेस्ट का आरोहण शुरू किया। 1 जून मंगलवार की सुबह एवरेस्ट से निम में सफल आरोहण के शुभ समाचार की सूचना मिली।

इनके नाम दर्ज हुए रिकॉर्ड

एनआईएम के पूर्व और वर्तमान में जिम के प्रधानाचार्य कर्नल आईएस थापा ने बताया कि जिम और निम के पहले संयुक्त एवरेस्ट अभियान में मंगलवार की सुबह निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट, हवलदार अनिल, निम के प्रशिक्षक दीप साही, जिम के हवलदार इकबाल खान, हवलदार चंदेर नेगी, महफूज इलाही ने सफल आरोहण किया।

उन्होंने बताया कि निम और जिम संस्थान का पहला संयुक्त अभियान सफल रहा है। इस अभियान से पर्वतारोहण प्रशिक्षण के क्षेत्र में मजबूती मिलेगी।

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