पेयजल निगम: विवादों में चल रहे मुख्य अभियंता (मुख्यालय) रस्तोगी हटाए गए, पन्त को सौंपी गई जिम्मेदारी

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
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देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम में विवादों में चल रहे प्रभारी मुख्य अभियंता (मुख्यालय) केेेके रस्तोगी की आखिरकार निगम मुख्यालय से छुट्टी कर दी गई। वह इस पद पर तैनाती के बाद से ही विवादों में चल रहे थे। इसके चलते अध्यक्ष एवं सचिव पेयजल नितेश झा ने उन्हें प्रभारी मुख्य अभियंता (गढ़वाल) बनाकर पौड़ी भेज दिया है। विवादों के चलते वह इस पद पर महज छह माह का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए।

बता दें कि रस्तोगी के खिलाफ अभियंताओं की पदोन्नति और स्थानांतरण में हैैराफेरी के साथ ही कनिष्ठ अभियंताओं की नई नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप विभिन्न माध्यमों से लगते रहे हैं । यही नही बहुचर्चित नमामि गंगे घपले में भी रस्तोगी पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप हैं। इस मामले में जांच अधिकारी अपर सचिव नीरज खैरवाल ने विजिलेंस जांच की संस्तुति की है।

निगम सूत्रों के अनुसार पदोन्नति और स्थानांतरण में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी उच्चस्तरीय जांच हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में रस्तोगी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। रस्तोगी पर सबसे बड़ा आरोप मुख्य अभियंता मुख्यालय के पद रहते हुए सीनियरिटी लिस्ट में छेड़छाड़ करने का है। आरोप है कि रस्तोगी ने स्वयं की वरिष्ठता गलत ढंग से ऊपर रखी है।

इससे वह कनिष्ठ होने के बाद अपने से सीनियर अफसरों से वरिष्ठ हो गए हैं। वरिष्ठता मामले में विभिन्न एसोसिएशनेंं भी मुखर रही हैं। मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद आने वाले समय में वरिष्ठता मामले की भी जांच हो सकती है। ऐसी भी संभावना जताई जा रही है की यदि रस्तोगी की वरिष्ठता पुनः नीचे निर्धारित होती है तो वह अधिशासी अभियंता के पद पर प्रत्यावर्तित भी हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि जांचें प्रभावित न हो इसलिए उन्हें पौड़ी स्थानांतरित कर भेजा गया है।

उधर, मुख्य अभियंता (मुख्यालय) के पद पर अध्यक्ष एवं सचिव पेयजल ने एससी पन्त को प्रभारी मुख्य अभियंता (मुख्यालय) के पद पर नई तैनाती दी है। वह अब तक प्रभारी मुख्य अभियंता (गढ़वाल) के पद पर कार्यरत थे।

इधऱ, एससी पन्त की निगम मुख्यालय में तैनाती के बाद अभियंताओं और कार्मिकों को बड़ी उम्मीदें हैं। निगम में कई ऐसे प्रकरण हैं, जो लम्बे समय से लंबित चल रहे हैं। पन्त के आने के बाद समस्याओं के सुलझने का कार्मिकों में भरोसा जगा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पन्त के कार्यानुभव का निगम के साथ कार्मिकों को भी लाभ मिलेगा।

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