पेयजल निगम: विकास कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मसूरी डिवीजन के साथ शासन में देखेंगे पेयजल और पंचायतीराज की योजनाएं, दून डिवीजन के एक्सईएन बने हेम जोशी

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल राजकाज
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देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम में आज दो अभियंताओं के स्थानांतरण किए गए हैं। इनमें से एक अभियंता के एक साथ दो स्थानांतरण आदेश हुए हैं, जिसको लेकर गलतफहमी की स्थिति बनी है। निगम में आज यह आदेेश चर्चा का केंद्र बना रहा है। हालांकि निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आदेश पूरी तरह स्पष्ट हैं। कहीं कोई गलतफहमी  नहीं है। वर्तमान दायित्व के साथ-साथ उन्हें शासन में सम्बद्ध किया गया है। जानकारों की मानें तो सुजीत कुमार को शासन ने बड़ी जिम्मेदारी दी है।

प्रबंध निदेशक उदयराज सिंह ने मसूरी डिवीजन में कार्यरत हेम चंद्र जोशी को दून शाखा, देहरादून में रिक्त अधिशासी अभियंता के पद पर स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश कल 23 अगस्त को जारी किए गए थे। दरअसल दून शाखा मेें कार्यरत अधिशासी अभियंता दीपक मलिक को पिछले हफ्ते प्रभारी महाप्रबंधक (गंगा) बनाकर हरिद्वार भेजा गया था, जिसके बाद दून शाखा में रिक्त एक्सईएन के पद पर पोस्टिंग को लेकर कई अभियंताओं के नामों की चर्चाएं चल रही थी, लेकिन आदेश जारी होने के बाद कयासबाजी पर विराम लग गया है।

23 अगस्त को ही प्रबंध निदेशक उदयराज ने निगम मुख्यालय में तैनात अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार विकास को मसूरी डिवीजन में तैनाती के आदेश जारी किए थे। लेकिन आज 24 अगस्त को शासन ने सुजीत कुमार विकास को सचिव पेयजल एवं स्वच्छता और पंचायती राज के कार्यालय में सम्बद्ध करने के आदेश जारी किए हैं।

पेयजल सचिव नितेश कुमार झा के द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुजीत कुमार विकास को वर्तमान कार्य के साथ-साथ 15वें वित आयोग के अंतर्गत पंचायतीराज संस्थाओं को दिए जा रहे Tied Fund और पेयजल एवं पंचायतराज के अंतर्गत चल रहे भारत सरकार के विभिन्न कार्याक्रमों के समन्वय का कार्य करेंगे।

शासन और निगम प्रबंधन के  अलग-अलग स्थानांतरण आदेश दिनभर चर्चाओं में रहे। कार्यदायित्व को लेकर एमडी का आदेश सही है या सचिव का। उनके वर्तमान कार्य को निगम मुख्यालय की तैनाती को बता रहा था तो कोई मसूरी डिवीजन। इसको लेकर निगम में तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

उधर, अभियंताओं में इस बात को लेकर भी कड़ा आक्रोश है कि सुजीत कुमार विकास वरिष्ठ अभियंता हैं। आरोप लगाया कि उनसे जूनियर लगभग सभी अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता के पदों पर डीपीसी से पूर्व प्रभारी के रुप में कार्य दायित्व सौंपे गए हैं, लेकिन उन्हें उच्च पद का कार्यभार न देकर डिवीजन में ही स्थानांतरित करके निगम प्रबंधन ने भेदभावपूर्ण नीति अपनाई है। उन्हें एसई के पद पर जल्द प्रभार दिए जाने की भी मांग भी अब जोर-शोर से उठाई जा रही है।

इस पर प्रबंध निदेशक उदय राज सिंह का कहना है कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं की जाएगी। सभी सीनियर्स को मौका दिया जा रहा है। यह बात सही है कि सुजीत कुमार नंबर 1 पर हैं, लेकिन उनके विरुद्ध कुछ जांच चल रही हैं। वह जांचें पूरी होते ही उन्हें भी प्रभार/प्रमोट किया जाएगा। सुजीत कुमार विकास काबिल अधिकारी हैं। इसलिये शासन ने उनके अनुभव और क्षमताओं को देखते हुए उन्हें यह दायित्व सौंपा है।

एमडी ने कहा कि चंबा डिवीजन में कार्यरत अधिशासी अभियंता आलोक कुमार नई टिहरी डिवीजन का भी प्रभार देख रहे हैं। उन्हें मुख्यालय में प्रभारी महाप्रबंधक (अप्रैजल) बनाए जाने के बाद यह पद रिक्त हो रहे हैं। उनके द्वारा जीएम के पद पर कार्यभार ग्रहण करते ही दोनों डिवीजन में दो-तीन दिनों में अधिशासी अभियंताओं की तैनाती कर दी जाएगी।

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