पेयजल निगम में एसई-ईई के पदों पर प्रभारियों की तैनाती में वरिष्ठ अभियंताओं की उपेक्षा, अभियन्ता संघ ने जताया कड़ा विरोध

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देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम में प्रबन्धन ने सोमवार को कई अभियंताओं के तबादले किए। साथ ही कुछ अभियंताओं को एसई और अधिशासी अभियंताओं के पदों पर प्रभारी दायित्व सौंपे गए हैं।

अभियंता संघ ने प्रभारियों की तैनाती में वरिष्ठ अभियंताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। साथ ही चेतावनी दी है कि प्रभारी व्यवस्था में वरिष्ठ अभियंताओं को तैनाती के आदेश जारी नहीं किये गए तो वह आंदोलन को विवश होंगे।

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, पेयजल निगम के शीर्ष पदाधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक सोमवार को  ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मोड में आयोजित की गई। बैठक में आज अधीक्षण अभियन्ता एवं अधिशासी अभियन्ता के पदों पर प्रभारी एवं स्थानान्तरण आदेशों पर मंथन किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि संज्ञान में आया है कि निगम में अधिशासी अभियन्ता (सिविल) के स्वीकृत 56 सामान्य एवं 2 दिव्यांग श्रेणी यानी कुल 58 पदों के सापेक्ष प्रभारी नियुक्त किए जाने के आदेश निर्गत किये गये हैं, जिसमें वरिष्ठता का पालन नहीं किया गया है। कतिपय वरिष्ठ अभियंताओं को छोड़कर कनिष्ठ अभियंता प्रभारी बनाये गए हैं।

वक्ताओं ने कहा कि प्रभारी व्यवस्था के आदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी नीतियों का भी खुला उल्लंघन किया गया है,   जिस पर उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा भारी आक्रोश व्यक्त किया गया। मांग की गई कि तत्काल इस पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।

बैठक में संगठन के सदस्यों की भावना के अनुरूप नियमित डीपीसी एवं पदोन्नति पर भी चर्चा की गई। कहा गया कि विगत लम्बे समय से निगम प्रबन्धन द्वारा केवल आश्वासन दिये जाते रहे हैं। उच्च पदों पर तो पदोन्नति की कार्यवाही की गई हैं, किंतु अन्य पदों पर पदोन्नति की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जबकि सदस्यों की निरंतर सेवानिवृत्ति हो रही है।

मई महीने में पदोन्नति के पात्र एक सदस्य का निधन भी हो गया है। इस सम्बन्ध में निरन्तर  पेयजल मंत्री और सचिव द्वारा निर्देश दिये जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किये जाने से सदस्यों में भारी आक्रोश है।

निर्णय लिया कि तत्काल कार्यवाही नहीं होने की दशा में कार्यकारिणी/उच्चाधिकार समिति की बैठक बुलाकर आन्दोलन की घोषणा करने के लिए संगठन को बाध्य होना पड़ेगा।

बैठक में संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर रामकुमार, संरक्षक अरविंद कुमार चतुर्वेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविन्द सजवाण, महासचिव अजय बैलवाल, आरके सिंह, नीटू सिंह, भजन सिंह चौहान और अरविन्द सैनी आदि मौजूद रहे।

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