पेयजल निगम: एसके पन्त प्रबन्ध निदेशक और सुरेश पन्त बने चीफ इंजीनियर गढ़वाल

उत्तराखंड
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देहरादून। उत्तराखंड पेयजल निगम में रिक्त चल रहे प्रबन्ध निदेशक से लेकर कई उच्च पदों पर अभियन्ताओं को प्रभारी बनाया गया है। ये नियुक्तियां अस्थायी व्यवस्था के तहत दी गई है।
उत्तराखंड पेयजल निगम में उच्च स्तर पर कई अहम पड़ रिक्त चल रहे थे, जिन्हें शासन ने विधिवत डीपीसी न होने तक प्रभारी व्यवस्था के तहत भर दिया है। अपर सचिव पेयजल जीबी ओली ने शुक्रवार को पांच अभियन्ताओं को दायित्व सौंपे जाने के आदेश जारी किए हैं।

सचिव पेयजल नितेश झा ने बताया कि वर्तमान में पेयजल निगम में केंद्र पोषित कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हो रही है। उच्च स्तर पर अफसरों की कमी के चलते कार्य प्रभावित हो रहा था। विकास कार्यों का संचालन समय पर पूरा हो इसके लिए उच्च स्तर पर कुछ अभियन्ताओं को प्रभार सौंपे गए हैं। जबकि कुछ पदों पर फेरबदल किया गया है।निगम में प्रबन्ध निदेशक का पद हाल ही में रिक्त हुआ है।

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे भजन सिंह को हटाने के बाद वीसी पुरोहित को एमडी बनाया गया, लेकिन हाल ही में पुरोहित कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद अपर सचिव पेयजल डा.आर राजेश कुमार को एमडी का प्रभार दिया गया, लेकिन वह हाल ही में प्रभारी सचिव बन गए। ऐसे एमडी का पद रिक्त हो गया। शासन ने फिलहाल इस पद पर अधीक्षण अभियन्ता एवं चीफ इंजीनियर कुमाऊं एसके पन्त को प्रभारी एमडी बनाया है।

शासन ने निर्माण मंडल देहरादून में तैनात अधीक्षण अभियंता सुरेश चंद्र पन्त को चीफ इंजीनियर गढ़वाल का दायित्व सौंपा है। फिलहाल इस पद को प्रभारी व्यवस्था के तहत देख रहे सुभाष चंद्र को हटाते हुए उन्हें मुख्य महाप्रबंधक निर्माण विंग देहरादून के पद पर तैनात किया गया है।
इसके अलावा अधिशासी अभियंता केके रस्तोगी को मुख्य अभियंता मुख्यालय का प्रभार दिया गया है। वह वर्तमान में प्रभारी जीएम, पीआईयू विश्व बैंक परियोजना देहरादून का काम देख रहे थे। चीफ मुख्यालय के साथ उन्हें केंद्र पोषित एव विश्व बैंक परियोजना का भी दायित्व दिया गया है।

एसके पन्त को एमडी बनाए जाने के बाद चीफ इंजीनियर कुमाऊं के पद पर अधीक्षण अभियंता वीके पन्त को भेजा गया है। वह वर्तमान में निगम मुख्यालय में प्रभारी गीदम नियोजन एवं अप्रैजल का काम देख रहे थे।

कर्मचारी संगठनों ने जताया सचिव का आभार

रिक्त पदों पर अभियन्ताओं को प्रभारी दायित्व सौंपे जाने पर कर्मचारी संगठनों ने सचिव पेयजल नितेश झा का आभार जताया है। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामकुमार, प्रांतीय महासचिव अजय बेलवाल ने सचिव का आभार जताते हुए कहा कि एमडी से लेकर मुख्य अभियंताओं और अन्य उच्च पदों के खाली रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। साथ ही विभाग की स्थिति भी खराब होती जा रही थी। अब सभी पदों पर अभियन्ताओं की तैनाती से निर्माण कार्य ही गति नहीं पकड़ेंगे, बल्कि विभाग की खराब की छवि भी सुधरेगी।

कनिष्ठ अभियन्ताओं को उच्च पदों का प्रभार देने पर बढा विवाद

पेयजल निगम में फिर कुछ कनिष्ठ अभियंताओं को उच्च पदों का प्रभार देने पर विवाद बढ़ गया है। दरअसल निगम में अभियंताओं की वरिष्ठता सूची को लेकर लम्बे समय से विवाद की स्थिति बनी है। वरिष्ठता सूची में भारी गड़बड़ी की शिकायतें है, जो शासन स्तर पर लम्बित है। जो अनन्तिम सीनियर लिस्ट बनी है, उसने कई कनिष्ठ अभियन्ताओं को वरिष्ठ दर्शाया गया है। पूर्व में भी सीनियरिटी लिस्ट फाइनल करने को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए हैं। वरिष्ठता विवाद के चलते कई पदों पर लम्बे समय से डीपीसी लटकी है। खास बात यह ये है कि राजनीतिक पहुंच के कारण कई अभियंता कनिष्ठ होने के बावजूद उच्च पदों पर काबिज हो रहे हैं। कई ऐसे अभियन्ता रिटायर भी जो चुके हैं। पूर्व एमडी भजन सिंह इसके उदाहरण हैं, जो सबसे कनिष्ठ होते हुए भी करीब 10 वर्ष तक एमडी की कुर्सी से चिपके रहे। आक्रोशित अभियन्ताओं ने शासन से मांग की है कि वह प्रभारी व्यवस्था का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीनियरिटी लिस्ट फाइनल करने के बाद ही वरिष्ठ अभियन्ताओं को उच्च पदों पर प्रभार सौंपे जाएं, ताकि किसी का हित प्रभावित न हो। यदि यह क्रम यदि तरह जारी रहा तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

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