पीडब्ल्यूडी: अभियंताओं पर कार्रवाई का कड़ा विरोध, संघ ने शीघ्र निलंबन वापस न लेने पर दी आंदोलन की चेतावनी

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
खबर शेयर करें

– अभियन्ता संघ ने कहा, दबाव की राजनीति नहीं करेंगे बर्दाश्त, जिसके कार्यकाल में वह काम ही नहीं हुआ उसे उस कार्य के जिम्मेदार ठहराना गलत

– पुल का डिजाइन पास करने वाली तकनीकी समिति पर भी कार्रवाई की उठाई मांग

देहरादून। रायपुर-थानों मार्ग पर निर्मित बड़ासी पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में एनएच खंड, लोक निर्माण विभाग, देहरादून के तीन इंजीनियरों को निलंबित करने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लोनिवि ने आश्चर्यजनक बताते हुए कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने अभियंताओं के निलंबन को तत्काल वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की बैठक में प्रदेश महासचिव एसएस चैहान ने कहा कि बड़ासी पुल का निर्माण इंवेस्टर्स समिट को देखते हुए जल्दबाजी में निर्माण कार्य पूरा कर पुल को आवाजाही के लिए खुलवाया गया था। ऐसे में यदि पुल निर्माण में गड़बड़ी हुई तो उसके लिए बाद में तैनात इंजीनियर को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता जीत सिंह रावत बड़ासी पुल का काम पूर्ण होने के बाद डिवीजन में तैनात हुए थे, ऐसे में वह पुल के लिए कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं। प्रदेश में यह अभियंताओं के साथ दुर्भावनापूर्ण तरीके से सरकार द्वारा दबाव में लिया गया निर्णय है। अभियंताओं पर इस तरह की गलत कार्रवाई करके दबाव बनाने की कोशिशों का अभियंता संघ कड़ा विरोध करेगा।

इंजीनियर एसएस चैहान ने इस मामले में जांच रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा कि गलत जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। पुल का डिजाइन पास करने वाली तकनीकी समिति पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ठेकेदारों का पूरा भुगतान तब तक नहीं करना जब तक एग्रीमेंट में निर्माण की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।

लेकिन अफसोस यह है कि ठेकेदार के भुगतान के लिए कई बार उच्च स्तरों से दबाव बनाया जाता है। इसके बावजूद अभियंताओं पर कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में केके उनियाल, अरुण भंडारी, भगवान सिंह चौहान और प्रवीन सक्सेना आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.