पहल: दूध और जूस के डिब्बों के कचरे से बनी बेंच गांधी पार्क में स्थापित

उत्तराखंड
खबर शेयर करें

देहरादून। जिन दूध और जूस के डिब्बों को कचरा समझ कर हम कूड़ेदानों में फैंक देते हैं, उन्ही को रिसाइकल कर बने बोर्ड्स से वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने एक शानदार बेंच को गाँधी पार्क, देहरादून में स्थापित किया है।

तो आप भी मानते हैं ना , “कचरा बड़े काम का “, इसी विषय को ध्यान में रखते हुए संस्था ने कचरे के प्रति जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। यह नाटक ना केवल जनता ने सराह बल्कि इससे मिली जानकारी को अपने जीवन में उतारने का प्रण भी लिया।

संस्था की यह पहल शहर में बढ़ रही गंदिगी को कम करने में एक बड़ा योगदान करेंगी, साथ कि कचरे में काम करने वाले सफ़ाई साथियों के लिए उचित रोजगार भी बनाएगी। इस बेंच का उद्धघाटन महापौर सुनील उनियाल गमा, विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त ने किया।

साथ ही उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रम को उचित पहल बताते हुए कहा कि, “हमे गर्व है की इस प्रकार के कार्य से जुड़ने का हमे सौभाग्य प्राप्त हुआ, और इस प्रकार के जगरूकरता अभियानों को हमें और बढ़ावा देने के साथ अपने जीवन में कचरे के प्रति अपनी सोच को बदलना बहुत ही आवशयक हैं।

वेस्ट वारियर्स शहर को साफ़ एवं स्वच्छ बनाने के लिए एक अच्छा कार्य कर रहीं हैं। आज के इस कार्यक्रम में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कैलाश जोशी, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर के सिंह, इसके साथ ही संस्था से अंकिता चमोला साक्षी शर्मा, अमन ग्रोवर, योगेश, नवीन कुमार सडाना और साक्षी सिंह आदि मौजूद रहे।

8 thoughts on “पहल: दूध और जूस के डिब्बों के कचरे से बनी बेंच गांधी पार्क में स्थापित

  1. When I originally commented I clicked the -Notify me when new comments are added- checkbox and now each time a comment is added I get four emails with the same comment. Is there any way you can remove me from that service? Thanks!

  2. The very crux of your writing whilst appearing agreeable in the beginning, did not sit properly with me personally after some time. Somewhere within the sentences you actually managed to make me a believer unfortunately only for a while. I nevertheless have a problem with your leaps in logic and one might do nicely to help fill in those gaps. In the event you actually can accomplish that, I would undoubtedly end up being fascinated.

Leave a Reply

Your email address will not be published.