नशामुक्त होकर जीवन बदला, तो दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बने योगेश, जितेंद्र और रंजीता

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देहरादून। कभी नहीं लगता था कि यूं जीवन बदल जायेगा। हम भी मुख्यधारा में होंगे और हमको मुख्य अतिथि बनाया जाएगा। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग का आभार व्यक्त करते हुए ये बात युवाओं ने कही।

मंगलवार को सर्वे चौक के समीप स्थित आइटीडीए सभागार में बाल आयोग की ओर से नशा मुक्त उत्तराखंड विषय के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर युवाओं का दृष्टिकोण, समस्याएं औऱ समाधान विषय पर चर्चा भी की गई। आयोजन की खास बात ये रही कि ऐसे युवाओं को अतिथि बनाया गया, जो एक समय में खुद नशे के लत से गम्भीर रूप से पीड़ित थे।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने इन अतिथियों को सम्मान के साथ मंच दिया और इनकी सराहना की। अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही इन युवाओं में से किसी को आयोग नशा मुक्त उत्तराखंड का ब्रांड अम्बेस्डर घोषित करेगा। अध्यक्ष ने कहा कि इन युवाओं को मंच देने, और इनके साथ भोज करने का उद्देश्य यही है कि इनसे दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें। जब ये अपने जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं तो कोई भी ऐसा कर सकता है।

मुख्य अतिथि के तौर पर योगेश थापा, विशिष्ठ अतिथि जितेंद्र साहनी और रंजीता ने कहा कि आज वह बेहद गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। कार्यशाला के दूसरे सत्र में पूर्व में बाल गृह मंत्री बनबनाई गई कुमकुम पंत सहित अन्य बाल वक्ताओं ने चर्चा की। इससे पहले बालिका निकेतन की बालिकाओं ने स्वागत गीत से अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में आयोग की सचिव झरना कमठान, अनुसचिव रोशनी सती, कमल गुप्ता, ममता आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन निशात ने किया।

बस्ती-बस्ती जागरूक अभियान

बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि आयोग नशे के खिलाफ बस्ती-बस्ती अभियान चलाएगा। स्कूलों में भी इसको पहुंचाया जाएगा। राखी के त्योहार तक रक्षा सूत्र बांधा जाएगा और सभी भाइयों से नशे से दूर रहने की अपील की जाएगी।

नशे के माहौल से निकली

विशिष्ठ अतिथि रंजीता ने बताया कि भ बिंदाल बस्ती में रहती है, जहाँ बच्चा-बच्चा नशा करता है। नशे की लत की वजह से कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है। इन सबके बावजूद वो इस माहौल से निकल एमए कर रही है और अधिकारी बन नशे की लत को दूर कर इसके खिलाफ लड़ना चाहती है।

मुख्य अतिथि योगेश थापा ने बताया कि आज वे अपना काम कर रहे हैं और लाइफ में सेटल हैं। एक समय में वे नशे के लती थे। शौक में शुरू किया ये नशा हमारे नाश तक पहुंच गया था। विशिष्ठ अतिथि जितेंद्र साहनी ने भी अपने अनुभव साझा किए। बताया कि कितनी मुश्किल से उन्होंने नशा छोड़ा। पलक गौरी, वैष्णवी भी अतिथियों में शामिल रहे। मैक संस्था के जहांगीर आलम ने बताया कि रंजीता जैसे कई युवाओं के साथ संस्था काम कर रही है। इंस्पिरेशन पीआर एन इवेंट्स को इसकी जिम्मेदारी मिली थी।

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