देवस्थानम बोर्ड भी होगा भंग, पुरानी व्यवस्था से चलेंगे चारों धाम

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देहरादून। जिला प्राधिकरण के साथ ही देवस्थानम बोर्ड के भी जल्द भंग होने के आसार है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्पष्ट रूप से कहा कि उत्तराखंड के चारों धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री पुरानी व्यवस्था से चलेंगे। चारों धामों से जुड़े लोगों के हक-हकूक पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। उनसे किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। उनकी बाकी समस्याओं का समाधान जल्द ही पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बारे में केवल धामों की व्यवस्थाओं के साथ पुरानी व्यवस्था से चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित की गई है। वर्तमान में चारों धामों में पुरानी व्यवस्था ही चलती है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। क्यों देवस्थानम बोर्ड को लेकर हकहकूकर्ड और तीर्थपुरोहित ही विरोध नहीं कर रहे हैं, भाजपा के अंदर भी बोर्ड गठन के खिलाफ आवाजें उठ रही है। कई भाजपा नेताओं ने इस संदर्भ में केंद्र सरकार को इस बारे में आपत्ति जताते हुए जन संभावनाएं को देखते हुए देवस्थानम बोर्ड को स्पष्ट करने की सिफारिष की है।
उधर, तीर्थ पुरोहितों ने मुख्यमंत्री से देवस्थानम बोर्ड को स्पष्ट करने की मांग की है। महापंचायत के प्रवक्ता बृजेष सती और महामंत्री हरीश डिमरी ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद महापंचायत की आज अनुष्ठान में अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल की बैठक में बैठक होगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले को महापंचायत ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है।

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