दून में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए ‘ओटीएस स्कीम’ को अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी

उत्तराखंड
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देहरादून। राज्य सरकार की ओर से अवैध भवनों के लिए लाई गई वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम (ओटीएस) स्कीम को एमडीडीए और देवभूमि आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन मिलकर मुकाम तक पहुंचाएंगे। एमडीडीए उपाध्यक्ष ने देवभूमि आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह जनता को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए सहयोग करें।

एसोसिएशन ने भी वीसी को भरोसा दिलाया है कि योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। दरअसल, देहरादून में पिछली सरकारों की गलतियों के कारण हजारों की संख्या में अवैध निर्माण हो गए हैं। इनमें ज्यादातर अवैध निर्माण आवासीय भवनों के मामलों में ही हुए हैं।

यानि सीधे-सीधे आम नागरिकों की ओर से यह अवैध निर्माण जाने-अंजाने में हो गए हैं। अब चूंकि यह समस्या सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी है तो इसका समाधान भी आवश्यक हो गया है। ऐसे में अब राज्य की त्रिवेंद्र सरकार आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से ओटीएस यानि वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम लाने की घोषणा कैबिनेट में कर चुकी है।

इसे लेकर जल्द ही शासनादेश भी जारी होने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बार आने वाली ओटीएस स्कीम में मानकों को खासा शिथिल किया जाएगा ताकि आमजन इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह चैहान के मुताबिक ओटीएस को लेकर क्वालिफाइड आर्किटेक्ट्स को बुलाया गया था और उनसे जाना गया कि अगर उन्हें इस योजना को लेकर किसी भी तरह का भ्रम है तो उसे दूर करें।

आर्किटेक्ट्स से आग्रह किया गया है कि वह मानकों को लेकर जनता के बीच स्पष्ट जानकारी दें और कोशिश करें कि बगैर किसी अड़चन के लोगों के नक्शे पास हो जाएं।

उधर, देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डीके सिंह, सचिव विनय सिंह एवं कोषाध्यक्ष गौरव सिंह का कहना है कि जो जिम्मेदारी उपाध्यक्ष के द्वारा उन लोगों को सौंपी गई है उस पर खरा उतरने के लिए उनके द्वारा अपने स्तर पर भी स्कीम को लेकर कार्ययोजना बनाई जा रही है ताकि आमजन को सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा सके।

हर मंगलवार को वीसी से नियमित रूप से मिल सकेंगे आर्किटेक्ट्स

उपाध्यक्ष रणवीर सिंह चैहान ने आर्किटेक्ट्स से कहा है कि क्वालिफाइड आर्किटेक्ट्स हर मंगलवार को दोपहर 12 से 2 बजे के बीच उनसे आकर मिल सकते हैं। इस दौरान आमजन को लेकर आ रही समस्याओं से लेकर तमाम तकनीकि पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है।

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