दून के कई कॉलेजों की मान्यता फर्जी, CBI ने केंद्रीय विवि श्रीनगर गढ़वाल के पूर्व ओएसडी समेत कई प्रोफेसरों से की पूछताछ

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देहरादून/श्रीनगर। सेंट्रल ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) की टीम ने केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल के पूर्व वीसी के ओएसडी समेत प्राइवेट कॉलेजों को फर्जी संबद्धता और कोर्स की मान्यता देने वाले आरोपित प्रोफेसरों, कर्मचारियों से आज कई घण्टे पूछताछ की है। सीबीआई ने यूनिवर्सिटी से मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं। अभी सीबीआई की टीम मुकदमे में आरोपी प्रोफेसरों और अन्य से पूछताछ जारी रखेगी। इससे मुकदमे में आरोपित चल रहे अधिकारियों में हड़कंप मचा है।

सीबीआई गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से निजी कॉलेजों को सम्बद्धता मामले की जांच कर रही है। मामला देहरादून शहर के कुछ नामी प्राइवेट शिक्षण संस्थानों से जुड़ा हुआ है। इन संस्थानों में नए कोर्स शुरू करने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं था। बावजूद इनमें न सिर्फ सीटें बढ़ाईं गई, बल्कि नए कोर्स के लिए भी मान्यता दी गई।

आरोप है कि यह सब तत्कालीन कुलपति जेएल कौल और उनके ओएसडी की जानकारी में हुआ। 2012 से 2017 तक हुए इस खेल में सीबीआई जांच 2018 में शुरू हुई। मान्यता और संबद्धता के लिए जरूरी सारे नियम कायदों को ताक पर रखा गया। इस मामले में सीबीआई ने विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी, उनके ओएसडी डीएस नेगी समेत सम्बद्धता टीम और निरीक्षण टीम में शामिल प्रोफेसरों, असिस्टेंट प्रोफेसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है।

मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम पहली बार विश्वविद्यालय पहुंची। यहां मुकदमा की जांच कर रही टीम ने पूर्व ओएसडी समेत कई प्रोफेसरों से पूछताछ की। इस दौरान यूनिवर्सिटी से मुकदमे के जरूरी कागजात बरामद किए। अभी पूछताछ जारी रहेगी। टीम में सीबीआई इंस्पेक्टर एसएस मुयाल, प्रशांत कांडपाल, सुनीत लखेड़ा व सुमित शर्मा समेत अन्य शामिल हैं।

इन कॉलेजों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की चल रही जांच

अल्पाइन इंस्टीट्यूट, बाबा फरीद इंस्टिट्यूट, उत्तरांचल कॉलेज, दून पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, दून वैली कॉलेज ऑफ एजुकेशन के संचालकों और अन्य के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा किया है। सूत्रों का कहना है कि इन संस्थानों की जांच को सीबीआई टीम श्रीनगर स्थित यूनिवर्सिटी पहुंची है।

 

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