गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद आज केदारनाथ धाम के कपाट भी खुले, श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं

उत्तराखंड समाज-संस्कृति
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चमोली गढ़वाल। गंगोत्री और यमुुुनोत्री के बाद सोमवार को विश्व प्रसिद्ध भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान और पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। लेकिन कोविड के चलते भक्त फिलहाल बाबा के दर्शन नही कर पाएंगे। इसी के साथ ही कल 18 मई को भगवान बद्रीनाथ के कपाट भी खुल जाएंगे।

कपाट खुलने के मौके पर यहां तीर्थयात्री और स्थानीय लोगों की कमी साफ देखी गई। कोराना संकट के चलते यह दूसरा मौका है जब कपाट खुलने पर बाबा के दरबार में भक्तों का टोटा था। कपाट खुलने से पहले ही पूरी तैयारियां कर ली गई थी। पूरे मंदिर को 11 कुंतल फूलों से सजाया गया है।

भगवान शंकर की मंत्रमुग्ध करने वाली धुनों से केदारपुरी में वातावरण भक्तिमय बन गया है। आज सुबह केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग और मंदिर के मुख्य पुजारी बागेश लिंग एवं प्रशासन की मौजूदगी में मंदिर के कपाट खोले दिए जाएंगे। मुख्य द्वार खुलने के बाद आम भक्तों को मंदिर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।

मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात रावल भीमा शंकर लिंगम और मुख्य पुजारी बाघेश लिंगम ने स्वयंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया और निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रूद्राभिषेक पूजाएं की।

केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाने के वक्त केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी बागेश लिंग, जिलाधिकारी मनुज गोयल, 21 तीर्थपुरोहित, देवस्थानम बोर्ड के 14 कर्मचारी, सीओ गुप्तकाशी अनिल मनराज, चौकी इंजार्च मंजुल रावत, 6 काटेबल, 2 महिला कास्टेबल, 4 मंदिर सुरक्षा गार्द के कर्मी मौजूद रहे।

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सरकार और देवस्थानमं बोर्ड द्वारा कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए विधि-विधान से केदारनाथ के कपाट खोले आज सुबह खोले गए। फिलहाल किसी को भी मंदिर के गर्भ गृह में जाने की अनुमति नहीं है। केदारनाथ रावल और मुख्य पुजारी की देख-रेख में मंदिर के कपाट खोले गए। – बीडी सिंहअपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानमं बोर्ड

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