एसीपी पर ऊर्जा कर्मी मुखर, बोले, जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल पर जाएंगे

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
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देहरादून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को एसीपी की पुरानी व्यवस्था की बहाली के साथ ही ऊर्जा कर्मियों की 14 सूत्री मांग को लेकर 18 ईसी रोड कार्यालय पर गेट मीटिंग की। गुरुवार को मोर्चा ने गंगा भवन में गेट मीटिंग करके सरकार को चेताया। 

आक्रोशित कर्मचारी नेेयताओं ने सीधे तौर पर चंद दी कि यदि जल्द ही मागें पूरी तरह से नहीं हुई तो सरकार हड़ताल को तैयार कर रही है।गेट मीटिंग में कार्मिकों को संबोधित करते हुए मोर्चा के संयोजक इंसार उल हक ने कहा कि निगम प्रबंधन और शासन के साथ कई चरण की बातचीत और प्रतिद्वंद्वियों के पश्चात भी मांगें जस की तस बनी हुई हैं। 

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में 22/12/2017 को कार्मिकों के साथ स्पष्ट समझौते किया गया था कि उनकी एसीपी की पुरानी 9,14,19 की व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी, लेकिन आज तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं किया गया, जो बेहद चिंता का विषय है। कहा कि इंतजार बहुत लम्बा हो गया है, अब वह और इंतजार नहीं करेंगे। जल्द आर-पार लड़ाई लड़ेंगे। 

उन्होंने कहा कि ऊर्जा निगमों में उपनल के कर्मचारियों के समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण की मांग पर भी निगम प्रबंधन द्वारा अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। विद्युत कर्मचारी बड़े ही धैर्य और समन्वयम के साथ सरकार के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है।

लेकिन निगम प्रबंधन द्वारा उनकी जायज मांगों को लगातार अनदेखा करने के कारण आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते सरकार द्वारा बिजली कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो इस बार विद्युत कर्मियों की हड़ताल तय है।

आज गेट मीटिंग में केहर सिंह, संदीप शर्मा, विनोद कवि, राकेश शर्मा, युद्धवीर सिंह तोमर, नीला धयानी, विनोद ध्यानी, पीपी शर्मा, अमित रंजन, अनिल मिश्रा, दीपक बेनीवाल, प्रदीप कंसल, गोविंद प्रसाद नौटियाल, रेखा डंगवाल और तारारानी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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