एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार

उत्तराखंड क्राइम
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देहरादून और हरिद्वार एवं देहरादून स्थित कतिपय स्ववित्त पोषित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक संस्थानों में फर्जी प्रवेश दर्शाकर फीस प्रतिपूर्ति के रूप में समाज कल्याण विभाग से करोडों रूपये की धनराशि का गबन किये जाने से सम्बन्धित प्रकरण की
जांच/विवेचना विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) द्वारा सम्पादित की जा रही है।

उक्त क्रम में एसआईटी द्वारा जांचोपरान्त जनपद हरिद्वार में 51 तथा जनपद देहरादून में 32 अभियोग स्ववित्तपोषित शैक्षणिक संस्थानों के विरूद्ध पंजीकृत कराये गये। जनपद हरिद्वार में 51 अभियोगों में से 38 तथा जनपद देहरादून में 32 अभियोगों में से 26 अभियोगों में तत्कालीन लोक सेवकों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण
अधिनियम 1988 की वृद्वि की गयी।

उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना भ्रष्टाचार  निवारण अधिनियम 1988 (अधिनियम संख्याः 49 सन् 1988) की धारा 17 को प्रथम के अधीन शक्तियों का प्रयोग  करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस के निरीक्षक पद (नागरिक पुलिस) के अधिकारियों को भी उक्त प्रकरण से सम्बन्धित विवेचनायें सम्पादित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। उक्त अधिसूचना के क्रम में उक्त अभियोगों की विवेचना विशेष अन्वेषण दल हरिद्वार/देहरादून में सम्बद्व निरीक्षक ना0पु0 द्वारा सम्पादित की जा रही है।

शैक्षणिक संस्थानों के विरूद्ध थाना डालनवाला, देहरादून पर पंजीकृत मु0अ0सं0-87/2020 की विवेचना में संस्थान द्वारा दर्शाये गये अधिकांश छात्रों द्वारा अपने बयानों में संस्थान में कभी भी प्रवेश न लेना और न ही छात्रवृत्ति मिलना बताया गया, संस्थान एवं छात्रों के दर्शाये गये।

बैंक खातों के स्टेटमेन्ट को अवलोकन से संस्थान को संचालक अनिल सैनी द्वारा समाज कल्याण विभाग से सांठगांठ कर छात्रों को फर्जी प्रवेश दर्शाकर उनके नाम पर आवंटित छात्रवृत्ति का निजि हित में प्रयोग कर गबन किया जाना पाये जाने पर संस्थान के संचालक अनिल सैनी के विरूद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया। अनिल सैनी के विरूद्ध जनपद हरिद्वार में पंजीकृत अभियोगों में भी आरोप पत्र दिया जा चुका है।

उक्त अभियोग में समाज कल्याण विभाग, देहरादून के तत्कालीन लोक सेवकों के विरूद्ध प्रथम दृष्टया अपने पद का दुरूपयोग कर भ्रष्ट आचरण किया जाना प्रथम दृष्टया परिलक्षित होने पर भ्रष्टाचार निवारण अधि0 1988 की धारा 13(1)(डी), 13(2) की वृद्धि की गयी, जिसकी विवेचना निरीक्षक ना0पु0 नदीम अतहर द्वारा ग्रहण कर विवेचना प्रारम्भ की गयी।

विवेचना में पाया गया गया कि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी, रामअवतार सिंह द्वारा उक्त  शैक्षणिक संस्थान को वर्ष 2012-13 में दर्शाये गये अन ुसूचित जाति/जनजाति को 40 छात्रों को मांग पत्र को क्रम में छात्रवृत्ति की धनराशि 1452000/-रूपये सीधे संस्थान को खाते मे प्रदान की गये, वर्ष 2013-14 में अन ुसूचित जनजाति को 30 छात्रों को छात्रवृत्ति की धनराशि 1239000/-रूपये छात्रों को बैंक खातों मे दिया जाना दर्शाया गया।

विवेचक द्वारा सम्बन्धित बैंक से छात्रों को बैंक स्टेटमेंट प्राप्त किये गये तो बैंक द्वारा तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी, रामअवतार सिंह द्वारा दिनांक 31-5-2014 को प्रेषित किया गया पत्र उपलब्ध कराया गया, जिसमें राम अवतार सिंह द्वारा छात्रवृत्ति की धनराशि संस्थान को खाते में दिया जाना अंकित किया गया था, जिस कारण बैंक द्वारा छात्रों की छात्रवृत्ति संस्थान के बैंक खाते में स्थानान्तरित कर दी गयी। उक्त रामअवतार सिंह को बैंक द्वारा उपलब्ध कराया गया

पत्र दिखाया गया तो उसके द्वारा पत्र में अपने हस्ताक्षर होने से इन्कार किया गया। विवेचक द्वारा उक्त रामअवतार सिंह
को हस्ताक्षर मिलान हेतु बैंक द्वारा उपलब्ध कराया गया पत्र, रामअवतार के उसी तिथि को हस्ताक्षरित अन्य पत्रों को
मिलान केे लिए एफ0एस0एल0 देहरादून मिलान को प्रेषित किया गया।

एफ0एस0एल0 द्वारा सभी हस्ताक्षर उक्त अभियुक्त
रामअवतार सिंह के होने सम्बन्धी रिपोर्ट प्रेषित की गयी।
इस प्रकार अभियुक्त रामअवतार द्वारा छात्रवृत्ति की समस्त धनराशि संस्थान को सीधे प्रेषित कर दी गयी, जबकि उत्तराखण्ड शासन को भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार छात्रवृत्ति छात्रों को खातों में दिये जाने का प्रावधान था।

विवेचना से प्राप्त समस्त तथ्यों से रामअवतार सिंह, तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते भ्रष्ट आचरण कर संस्थान को संचालक से सांठगांठ कर संस्थान को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाये जाने को पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर अभियुक्त राम अवतार सिंह को आज 34/3, नालापानी रोड़, डालनवाला, देहरादून से धारा 420/409/120बी भादवि तथा धारा 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधि0 1988 को अपराध में गिरफ्तार किया गया, जिसे कल न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम- राम अवतार सिंह, तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी, देहरादून, हाल निवासी 34/3, नालापानी रोड डालनवाला, देहरादून

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

1-निरीक्षक/विवेचक नदीम अतहर, एस0आई0टी0 सदस्य/प्रभारी एस0ओ0जी0 देहरादून।
2-उ0नि0 ना0पु0 दीपक धारीवाल, एस0ओ0जी0 देहरादून।
3-आरक्षी 461ना0पु0 ललित, एस0आ े0जी0 देहरादून।
4-आरक्षी चालक विपिन राणा, एस0ओ0जी0 देहरादून।

 

9 thoughts on “एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार

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