ऊर्जा निगम लेगा 800 करोड़ का लोन, बीओडी ने दी मंजूरी

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देहरादून। उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए ऊर्जा निगम 800 करोड़ रुपये का लोन लेगा। ऊर्जा निगम को बोर्ड बैठक में इस वित्तीय सहायता लेने को मंजूरी दी गई है। यह लोन ग्रामीण विद्युतीकरण कार्पोरेशन और पॉवर फाईनेंस कार्पोरेशन से लिया जाएगा। इसके साथ ही

मंगलवार को ऊर्जा निगम मुख्यालय में आयोजित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) की बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में निगम की वित्तीय व्यवस्था पर गहन चर्चा की हई। बोर्ड ने निगम की माली हालत और बढ़ते घाटे के लिए कमजोर वित्तीय प्रबंधन को जिम्मेदार माना। इसके लिए सम्बन्धित अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए। निगम की गड़बड़ाई बैलेंस शीट पर भी लम्बा मंथन हुआ।

हालांकि सचिव ऊर्जा राधिका झा ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में निगम में एकाउंट अफसरों के पद रिक्त हैं। यही नहीं फील्ड में जूनियर इंजीनियरों से लेकर सहायक अभियंताओं के पद बजी लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे वित्तीय प्रबंधन ही नहीं फील्ड का काम भी प्रभावित हो रहा है, जिसका वित्त पर गहरा असर पड़ रहा है। कार्मिकों की कमी से राजस्व वसूली भी कम हो रही है। सचिव ऊर्जा ने निगम में खाली पदों को जल्द से भरने के निर्देश दिए।

बैठक में ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. नीरज खैरवाल, यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, ऊर्जा निगम के निदेशक ऑपरेशन अतुल अग्रवाल, निदेशक प्रोजेक्ट जगमोहन सिंह रौंथाण, निदेशक वित्त नवीन गुप्ता और प्रभारी निदेशक एचआर एके सिंह समेत कई स्वतंत्र निदेशक मौजूद रहे।

योजनाओं की गुणवत्ता को समिति गठित

ऊर्जा निगम अनियमितताओं को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहता है। योजनाओ के निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए समिति के गठन का निर्णय लिया गया। चर्चा के बाद प्रस्ताव को बोर्ड ने स्वीकृति दी। समिति का गठन स्वतन्त्र निदेशक चन्द्र वासुदेव की अध्यक्षता में किया गया।

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