उत्तराखंड : 24 लाख लोगो को मिलेगी पहले चरण में कोरोना वैक्सीन।

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उत्तराखंड में पहले चरण में करीब 24 लाख (20 प्रतिशत) लोगों को कोरोना से बचाव की वैक्सीन दी जाएगी। पहला चरण दो फेज में चलेगा। जिसके पहले फेज में 94 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन मिलेगी। इसके बाद दूसरे फेज में बाकी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी।

बुधवार को कैबिनेट बैठक में कोविड वैक्सीनेशन की योजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें बताया गया कि स्वास्थ्य महकमे ने 24 लाख लोगों का टीकाकरण करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बताया गया कि इसके लिए वैक्सीनेशन बूथ से लेकर वैक्सीन की कोल्ड चेन के लिए जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है। नए साल की शुरुआत में कोरोना से बचाव की वैक्सीन आने की उम्मीद है। लिहाजा, सरकार भी इस दिशा में तेज प्रयास कर रही है।

प्रदेश में मतदान केंद्रों की तरह बनेंगे वैक्सीनेशन बूथ
प्रदेश में वैक्सीनेशन अभियान के लिए मतदान केंद्रों की तरह ही वैक्सीनेशन बूथ बनाए जाएंगे। एक वैक्सीनेशन बूथ पर दो वैक्सीनेटर और दो डीईओ होंगे।

हर वैक्सीनेशन बूथ पर 100 लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। हर बूथ पर इंटरनेट की सुविधा, पीने का पानी, बिजली आदि की उपलब्धता रहेगी। वैक्सीनेशन बूथ के लिए तीन कमरे होंगे, जिनमें से एक कमरा वेटिंग एरिया, दूसरा वैक्सीनेशन एरिया और तीसरा ऑब्जर्वेशन एरिया होगा।

उत्तराखंड में होंगे तीन रीजनल वैक्सीन स्टोर
कोरोना वैक्सीन के लिए उत्तराखंड का मुख्य वैक्सीन स्टोर देहरादून में बनाया जाएगा। इसके बाद अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और श्रीनगर में तीन रीजनल वैक्सीन स्टोर बनाए जा रहे हैं। अल्मोड़ा, श्रीनगर और ऊधमसिंह नगर के तहत तीन-तीन डिस्ट्रिक्ट वैक्सीन स्टोर बनेंगे।

देहरादून के तहत चार डिस्ट्रिक्ट वैक्सीन स्टोर बनेंगे। पौड़ी में 15, टिहरी में नौ और उत्तरकाशी में दो मिलाकर प्रदेश में कुल 26 ब्लॉक वैक्सीन स्टोर बनेंगे। इसी प्रकार प्रदेश में कुल 273 कोल्ड चेन प्वाइंट्स बनेंगे।

इनमें से अल्मोड़ा में 20, चंपावत में नौ, चमोली में 22, देहरादून में 104, बागेश्वर में नौ, नैनीताल में 39, रुद्रप्रयाग में 16, हरिद्वार में 23, पिथौरागढ़ में 14, ऊधमसिंह नगर में 19, पौड़ी में 21, टिहरी में 26 और उत्तरकाशी में 18 कोल्ड चेन प्वाइंट्स बनाए जाएंगे।

यह पूरी कसरत वैक्सीन की कोल्ड चेन को बनाए रखने के लिए की जा रही है। इसके लिए केंद्र से तीन लाइन रेफ्रीजरेटर, 27 डीफ फ्रीजर और 187 आईएलआर स्मॉल मांगे गए हैं।
नर्सिंग पासआउट, रिटायर्ड मेडिकल अफसर करेंगे टीकाकरण
प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के परिवहन के लिए सरकार वैक्सीन वैन खरीदने जा रही है। इसके अलावा टीकाकरण के लिए 1000 नर्सिंग पासआउट और 105 रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर को चिन्ह्ति किया जा चुका है।

प्रदेश में सभी एमबीबीएस व बीडीएस इंटर्न को भी चिन्ह्ति करने के लिए सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही राज्य स्तर से काउंसिल, मेडिकल, पैरामेडिकल व नर्सिंग कॉलेजों से भी समन्वय स्थापित किया जा चुका है।

किस जिले के कितने हेल्थकेयर वर्कर को मिलेगी वैक्सीन
जिला    –       सरकारी स्वास्थ्य संस्थान    निजी संस्थान
अल्मोड़ा  –         5045                                    297
बागेश्वर  –        2604                                       50
चमोली  –         3578                                       120
चंपावत  –         2009                                       117
देहरादून –         7324                                   20838
हरिद्वार –         8939                                      5112
नैनीताल   –       6406                                     3420
पौड़ी –             5653                                          477
पिथौरागढ़ –    4012                                         137
रुद्रप्रयाग –        2029                                        86
टिहरी   –             5691                                        97
ऊधमसिंह नगर    4302                                 2457
उत्तरकाशी –        3038                                   51
प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण 11 से
कोरोना वैक्सीन को लगाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। जिला स्तर के प्रशिक्षकों का दो दिन का प्रशिक्षण 11 व 12 दिसंबर को होगा।

इसके बाद ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षकों का एक दिन का प्रशिक्षण 14 दिसंबर को होगा। इसके बाद स्वास्थ्य कार्यकर्ता जैसे एएनएम और पर्यवेक्षक के लिए चार घंटे का और आशा और एडब्ल्यूडब्ल्यू के लिए ट्रेनर का दो घंटे का प्रशिक्षण 15 से 18 दिसंबर के बीच कराया जाएगा।

ऐसे होगी वैक्सीन की कोल्ड चेन
वैक्सीन मैन्यूफैक्चर से एयर ट्रांसपोर्टर के माध्यम से प्राइमरी स्टोर तक पहुंचेगी। इसके बाद रेफ्रीजरेटर वाहन की मदद से यह वैक्सीन राज्य के स्टोर तक पहुंचेगी। इसके बाद इंसूलेटिड वाहन से यह वैक्सीन जिलों के स्टोर तक पहुंचेगी।

यहां से फिर इंसूलेटिड वाहन से यह वैक्सीन प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक पहुंचेगी। इसके बाद वैक्सीन कैरियर की मदद से यह उप केंद्रों तक जाएगी। इसके बाद यह संबंधित को दी जाएगी। इसी पूरी प्रक्रिया के दौरान वैक्सीन दो से आठ डिग्री तापमान के बीच में ही रखी जाएगी।

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