उत्तराखंड में ब्लैक फंगस से तीसरी मौत, अस्पतालों में एम्फोटेरिसीन-बी इंजेक्शन की भारी कमी

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हल्द्वानी। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार को ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। एसटीएच में ब्लैक फंगस का इंजेक्शन नहीं है, जबकि बाजार में भी इसकी उपलब्धता नहीं है।

सितारंगज निवासी 47 वर्षीय व्यक्ति को मंगलवार को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। मरीज कोविड पॉजिटिव था और साथ ही उसमें ब्लैक फंगस के भी लक्षण भी थे। मरीज ने बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि पहली जांच में ब्लैक फंगस के कोई संकेत नहीं मिले हैं, जबकि कोविड का सैंपल लेकर कल्चर के लिए भेजा गया है। तीन से चार दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है। डॉ. जोशी के अनुसार ब्लैक फंगस का इंजेक्शन एम्फोटेरिसीन बी अभी अस्पताल में नहीं है।

उधर, यूएसनगर में किच्छा मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती 46 वर्षीय मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ डॉ. देवेंद्र सिंह पंचपाल को इस संबंध में पत्र लिखकर अवगत कराया है।

रुद्रपुर में अब तक दो लोगों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिल चुके हैं। एक युवक को जांच के लिए ऋषिकेश एम्स भेजा गया है। बुधवार को भर्ती एक और मरीज में इसके लक्षण मिलने पर एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना निजी अस्पताल पहुंचे।

मरीज को जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है। नानकमत्ता के इस मरीज को कोरोना संक्रमण के चलते अस्पताल में 11 मई को भर्ती किया गया था।

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