उत्तराखंड में कोरोना गाइडलाइंस के बीच मनाया गया नए साल का जश्न

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उत्तराखंड में नए साल का जश्न पिछले साल की तुलना में फीका रहा। कोरोना की वजह से लोगों में खुशी कम दिखी। वहीं पुलिस-प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर थर्टी फस्ट पर जश्न मनाने पर प्रतिबंध लगाने से पर्यटक स्थलों पर रौनक कम ही देखने को मिली।

2020 की विदाई और नए साल का स्वागत समारोह पहाड़ों की रानी मसूरी मे फीका रहा। नए साल का जश्न मनाने वाली बड़ी संख्या में सैलानी मसूरी पहुंचे, लेकिन सरकारी प्रतिबंधों के कारण जश्न नहीं मनाया गया। शहर के आसपास के पर्यटक स्थलों मे सैलानियों की भी खूब से खूब रौनक देखने को मिली। शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही। वहीं, सैलानी जाम की समस्या से भी दो चार होते नजर आए।

इस सबके बाब और नए साल मनाने के लिए हजारों पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे। मसूरी, धनोल्टी, औली, टिहरी, नैनीताल, कौसानी सहित कई पर्यटन स्थल पर दिनभर चहल पहल है। रात के समय सामूहिक पक्षों पर रोक के कारण पर्यटकों ने दिन में ही नए साल का जश्न मनाया।

नए साल के जश्न के लिए औली सहित चमोली जिले के अन्य पर्यटक स्थल पर्यटकों से गुलजार हो गए हैं। जोशीमठ, औली, मंडल, चोपता, तपोवन क्षेत्रों में भारी संख्या में पर्यटक थर्ट फर्स्ट और नए साल का जश्न मनाने पहुंच गए हैं। कई स्थानीय युवा भी पर्यटक स्थलों में पहुंचे हैं। पर्यटकों की चहल-पहल से व्यवसायी भी खुश हैं।

गुरुवार को धनोल्टी और कोटी कालोनी में सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे तिवाड़ गांव में स्थित होम-स्टेोन तक फुल हो गए। कोरोना संक्रमण के कारण नाइट पार्टी, डीजे और सामूहिक पार्टी पर पाबंदी लगाए जाने से कई पर्यटक खासे मायूस दिखे। पुलिस-प्रशासन ने भी नए साल के होने वाले आयोजनों पर अपनी निगाह रखी।

कोरोना संक्रमण के कारण इस बार नैनीताल में 2020 की विदाई और वर्ष 2021 के स्वागत का जश्न अन्य वर्षो की तुलना में काफी फीका रहा। हलांकि सैकड़ों पर्यटक नैनीताल पहुंचे, लेकिन इस बार न तो माल रोड और न ही अन्य स्थानों पर पर्यटकों की भारी भीड़ रही। इक्का-दुक्का होटलों में जो कार्यक्रम हुआ और वह भी बेहद संक्षिप्त और कोरोना गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए सम्पन्न हुए।

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