उत्तराखंड: धारचूला के जुम्मा गांव में बादल फटने से 7 लोग जिंदा दफन, पांच मकान जमींदोज

उत्तराखंड मौसम/आपदा
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार मध्यरात्रि को धारचूला के जुम्मा गांव में बादल फट गया। पानी के साथ आए मलबे और बोल्डरों ने गांव के सिरोउड्यार और जामुनी तोक में पांच मकान ध्वस्त कर दिए। इन घरों में रह रहे 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन सगी बहनें शामिल हैं। चार लोग घायल हैं। घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है। बादल फटने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सड़क खराब होने से बाद ने हेलीकॉप्टर से राहत एवं बचाव कार्य किया गया।

सूचनबके बाद बाद नजदीकी 11वीं वाहिनी एसएसबी की एलागाड़ सीमा चौकी के जवान पैदल घटनास्थल पर पहुंचे। दोपहर बाद से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व दल खोज एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। इस मानसून सीजन में आपदा की यह पहली बड़ी घटना है।

रविवार मध्य रात के बाद धारचूला के साथ-साथ काली नदी पार नेपाल के श्रीबगड़ में भी बादल फट गया। वहां भी पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं नजयांग नाले का मलबा काली नदी में गिरा तो नदी का प्रवाह भी थम गया और झील बन गई।

इससे नेशनल हाइड्रो पावर कारपोरेशन (एनएचपीसी) की 280 मेगावाट क्षमता वाली धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना के प्रशासनिक भवन सहित अधिकारियों-कर्मचारियों के आवासों में दो मंजिले तक पानी भर गया। सभी ने तीसरी मंजिल पर जाकर जान बचाई। रात भर सभी खौफ के साये में रहे।

जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने बताया कि घटनास्थल तक पहुंचने वाले मार्ग बंद होने से हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू टीम व राहत सामग्री भेजी गई। सभी शवों की शिनाख्त जर ली गई है।

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