उत्तराखंड के मूल निवासी अधिकारियों की हो ऊर्जा निगमों में एमडी के पदों पर ताजपोशी, नियम विरुद्ध भर्ती भी तत्काल निरस्त करने की मांग

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
खबर शेयर करें

 

देहरादून। ऊर्जा आफिसर्स सुपरवाईजर्स एंड स्टाफ एसोसिएषन के केंद्रीय अध्यक्ष डीसी गुरुरानी एवं केंद्रीय उपाध्यक्ष सतीष जोषी ने उर्जा के तीनों निगमों में प्रबंध निदेषकों के पदों पर मानव संसाधन और वित्तीय संवर्ग के राज्य के प्रति बेहतर समझ रखने वाले यहां के मूल निवसी अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।

नेताद्वय ने आरोप लगाया कि राज्य विरोधी कुछ इंजीनियर जो मीडिया के माध्यम से इसका विरोध कर रहे हैं, वह राज्य के हितैषी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ये इंजीनियर अपनी जांच के डर से ईमानदार उत्तराखंड के मूल अधिकारियों का विरोध कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और उर्जा मंत्री से मांग की है कि ऐसे इंजीनियरों के इंगित करते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

 

बोले, नियम विरुद्ध की गई विभागीय भर्ती को तत्काल किया जाए निरस्त

ऊर्जा आफिसर्स सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन ने गत 27 अगस्त को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड यूपीसीएल में टीजी-2 से अवर अभियंता और लिपिक संवर्ग से सहायक लेखाकार के पदों पर आयोजित की गई विभागीय भर्ती परीक्षा पर सवाल खड़े करते हुए भर्ती परीक्षा को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। एसोसिएशन ने भर्ती में नियमों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से परीक्षा आयोजित करने का आरोप लगाया है।

एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष डीसी गुरुरानी ने खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं और लेखाधिकारियों के पदों पर 29 अगस्त को आफलाईन परीक्षा आयोजित की गई है। विभागीय परीक्षाओं को आनलाईन आयोजित कर वर्षों से विभाग में कार्य कर रहे टैक्नीशियन और लिपिकों के भविष्य के साथ कुठाराघात किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के तीनों निगमों में दो तरह की नियमावली चर्ला जा रही है।

गुरुरानी ने कहा कि एक तरफ तो टीजी-2 से अवर अभियंता के पद पर पदोन्नति के लिए बिना परीक्षा के वरिष्ठता का आधार है वहीं दूसरी तरफ यूपीसीएल में 27 अगस्त को परीक्षा करा रहा है। यही नहीं परीक्षा में ऐसा पेपर दिया गया था, जो आईएएस और पीसीएस स्तर का था।

उन्होंने निगम प्रबंधन से वरिष्ठता के आधार पर कार्मिकों को पदोन्नति करने की मांग की है। साथ ही कहा कि उक्त परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी और कंपनी को गलत दिशा-निर्देश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.