आर्मी इंटेलिजेंस ने फौज में नौकरी लगाने वाले एक नटवरलाल को किया गिरफ्तार

उत्तराखंड
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देहरादून। देशभर में सेना की वर्दी पहनकर और फर्जी दस्तावेज बनाकर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। दून आर्मी इंटेलिजेंस और एसटीएफ ने कुछ दिन पहले विदेशों में एक्स आर्मी के नाम पर नौकरी दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। साथ ही वाराणसी में आर्मी इंटेलिजेंस ने भी एक फर्जी कैप्टन को गिरफ्तार कर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।

बीते रोज विकासनगर पुलिस ने एक और नटवर लाल को सेना की वर्दी पहनकर युवाओं को नौकरी दिलाने के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में कई चौकन्ने वाली बात कही है। आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पूछताछ कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी फौजी बन लोगों से फौज में भर्ती कराने के नाम से ठगी करने वाले नटवरलाल को मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि वादी सचिन पुत्र राकेश कुमार निवासी दिनकर विहार विकासनगर द्वारा चौकी बाजार थाना विकासनगर में एक तहरीर दी कि जोगिंद्र नाम के व्यक्ति ने अंकित नाम से फर्जी फौजी बनकर फौज में भरती कराने के नाम पर वादी से 50000 रुपए लेे लिए और 2 लाख रुपए और मांग रहा है।

वादी सचिन द्वारा इस व्यक्ति के सम्बन्ध में मलेट्री इंटेलिजेंस को भी सूचना दी गई थी।तहरीर के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या –104/21 धारा 419/420/468/471 आईपीसी पंजीकृत कर विवेचना चौकी प्रभारी बाजार विकासनगर अर्जुन सिंह गुसाईं के सुपुर्द की गई। इसी बीच कल मिलिट्री इंटेलिजेंस द्वारा सूचना दी कि उक्त जोगिंदर आज फिर सचिन से आर्मी में भरती कराने के नाम पर पैसे लेने के लिए आ रहा है।

जिस पर विकासनगर पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए अभियुक्त जोगिंदर पुत्र राजमल राणा निवासी बालुवाला थाना सहसपुर देहरादून को अंकित कुमार नाम के सैनिक की आईडी की छायाप्रति ,फौज की वर्दी वाला फर्जी आधारकार्ड की कॉपी के साथ भोजावाला पुल के पास दिनकर विहार से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।

पुलिस को पूछताछ में बताई ये जानकारी

पूछताछ अभियुक्त अभियुक्त जोगिंदर द्वारा बताया कि 1 दिन वह गढ़ी कैंट देहरादून में अपने रिश्तेदार जो फौज में है के कमरे में किसी काम से गया था जहां पर एक फौजी की वर्दी टंगी थी जिसका नाम अंकित था उसने उसकी मर्जी के बगैर वर्दी पहनकर फोटो खींच ली और उस फोटो से फर्जी आधारकार्ड बनाया।

गूगल में इंडियन आर्मी आईडी कार्ड सर्च कर अंकित कुमार के आईडी कार्ड का प्रिंट आउट निकालकर लोगों को अपना नाम अंकित कुमार बताकर उन्हें विश्वास दिलाने के लिए अंकित कुमार वाला आईकार्ड और अंकित कुमार वाली वर्दी वाली फोटो भेज देता था जिससे लोग जोगिंदर को फौजी समझकर उसकी बातों में आकर ठगी का शिकार हो जाते थे।

सचिन से भी जोगिंदर दिनकर विहार में किसी दुकान में मिला था वहां उसने सचिन को अपनी बातों में फंसा कर सचिन से 250000/रुपए में आर्मी में भरती कराने की और सचिन से 50000 हजार रूपए किसी जबर लाल नाम के व्यक्ति के खाते में पैसे डलवा दिए।और आज शेष 2 लाख के लिए आया था कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया।

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