आध्यात्मिक पर्यटन से संवरेगी उत्तराखंड की तकदीर

उत्तराखंड राजकाज
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देवभूमि उत्तराखंड की तकदीर संवारने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने आध्यात्मिक पर्यन को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार प्रदेश में नए पर्यटक स्थल विकसित करने के कार्य मे जुटी हुई है, जिसमें विशेषकर नए आध्यात्मिक पर्यटक स्थल यानी आध्यात्मिक पर्यटक सर्किट शामिल हैं।

प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटक सर्किट विकसित किए जाने से न सिर्फ प्रदेश सरकार को बेहतर राजस्व प्राप्त हो सकेगा, बल्कि इससे स्थानीय निवासियों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि सरकार आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने के साथ ही प्रदेश के पहाड़ी व्यंजनों को एक अलग पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने के तहत प्रदेश में माता भगवती सर्किट, भगवान शिव और भगवान विष्णु सर्किट और नव ग्रह सर्किट तैयार किया जाएगा।

इसके साथ ही रामायण, महाभारत और माता सीता सर्किट भी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट को विकसित करने से प्रदेश का रुख करने वाले पर्यटकों को यह बेहतर तरह से समझ आ सकेगा कि आखिर उत्तराखंड को वास्तव में देवभूमि क्यों कहा जाता है.

आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट के तहत प्रदेश के अलग-अलग पहाड़ी और मैदानी जनपदों में मौजूद धार्मिक स्थलों को समूह बनाकर विकसित किया जाएगा. जिनका वेद पुराणों में जिक्र है। उदाहरण के तौर पर बात करें तो महाभारत सर्किट में उन धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा, जहां पर पांडव ठहरे थे. इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेज दिया है।

वहीं दूसरी तरफ बात माता सीता सर्किट की करें तो पौड़ी जिले के फलस्वाड़ी गांव में माता सीता मंदिर है। मान्यता है कि इसी स्थान पर माता सीता ने भू-ृसमाधि ली थी। ऐसे में अब सरकार इस मंदिर को भव्य स्वरूप देने की तैयारी में है, जिसके लिए सरकार ने ट्रस्ट का भी गठन कर दिया है।

वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 13 जिले और 13 नए पर्यटक स्थल योजना पर भी कार्य कर रही है। इसके तहत प्रदेश के सभी 13 जनपदों में नए पर्यटक स्थल विकसित किए जा रहे हैं, जिससे लिए सरकार ने अलग-अलग जनपदों में विकसित किए जा रहे नए पर्यटक स्थलों की थीम भी निर्धारित कर ली है। इस योजना के तहत सभी जिलों मे थीम भी चयनित की जा चुकी है।

1- देहरादून- चकराता हेरीटेज टूरिज्म, महाभारत सर्किट।
2- पौड़ी – खिर्सू फलस्वाड़ी वाइल्ड लाइफ, सीता सर्किट।
3- रुद्रप्रयाग – चोपता इको टूरिज्म।
4- उत्तरकाशी – चिन्यालीसौड़ ऑल पर्पज।
5- चमोली – गैरसैंण औली विंटर स्पोर्ट्स।|
6- हरिद्वार – शक्तिपीठ, पिरान कलियर धार्मिक पर्यटन।
7- चंपावत – लोहाघाट हिल स्टेशन।
8- नैनीताल – मुक्तेश्वर लेजर टूरिज्म।
9- उधमसिंह नगर – पराग फार्म एम्यूजमेंट पार्क।10- टिहरी – टिहरी झील वाटर स्पोर्ट्स।
11- बागेश्वर – कौसानी टी गार्डन।
12- अल्मोड़ा – कटारमल कसार देवी मेडिटेशन।
13- पिथौरागढ़ – चौकोड़ी मुनस्यारी लेजर टूरिज्म।

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