आज से प्रस्तावित ऊर्जा कार्मिकों की हड़ताल टली, सरकार के अनुरोध और कोरोना महामारी के मद्देनजर लिया निर्णय

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देहरादून। ऊर्जा कार्मिकों की शुक्रवार से प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल फिलहाल स्थगित हो गई है। कोरोना महामारी के बीच आम जन को होने वाली परेशानियों को देखते हुए हड़ताल की तिथि को आगे बढाने का निर्णय लिया गया। सर्ववसम्मति सेे अब हड़ताल को जुलाई माह में प्रस्तावित किया गया है। उधर, ऊर्जा कर्मचारियों की हड़ताल टलने से राज्य सरकार ने भी राहत की सांस ली है।

वीरवार को विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की एक आपात बैठक 132 केवी सब स्टेशन माजरा देहरादून पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदीप कंसल तथा संचालन संयोजक ईन्सारूल हक ने किया। सभा में आज मध्य रात्रि यानि 28 मई की प्रथम पाली से तीनों ऊर्जा निगमों में होने वाली बिजली कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर विचार विमर्श किया गया।

सभा में संयोजक एवं अन्य संगठन पदाधिकारियों ने बिजली की हड़ताल के कारण समाज एवं नागरिकों के मन में उत्पन्न चिंताओं के साथ ही उत्तराखंड सरकार के मौखिक अनुरोध के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण राज्य की जनता काफी अधिक व्यथित है एवं पूरे राज्य में कर्फ्यू लागू किया गया है।

ऊर्जा सभी क्षेत्रों जिसमें अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट और अन्य चिकित्सा सुविधाएं एवं आवश्यक सेवाओं का आधार है।
ऊर्जा निगम के कर्मचारी राज्य के अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक हैं।

सभी संगठन पदाधिकारियों का मत था राज्य सरकार के मौखिक निवेदन और समाज के प्रति महती जिम्मेदारियों के आधार पर वर्तमान महामारी काल में अनिश्चितकालीन हड़ताल को प्रारंभ करने से राज्य के नागरिकों को जिसमें सभी वर्ग, बच्चे, बुजुर्ग एवं गंभीर रूप से रोगी सम्मिलित हैं, जिन्हें आघात पहुंच सकता है।

इसलिए अपनी समस्याओं से अधिक राज्य हित को महत्व देते हुए आज मध्यरात्रि से होने वाली हड़ताल को परिवर्तित करते हुए जुलाई माह के लिए निर्धारित कर दिया गया है।

आज की सभा में इंजीनियर अमित रंजन, विवेक कुमार जगदीश चंद्र पंत ,केहर सिंह, पंकज सैनी ,भानु प्रकाश जोशी प्रमोद कुमार, संदीप शर्मा जगदीश चंद्र पंत ,विजय बिष्ट ,दीपक बेनीवाल डीसी ध्यानी रविंद्र सैनी मुकेश कुमार, विनोद कवि ,एस एल शर्मा एवं अन्य ने भाग लिया

मोर्चा संयोजक एवं अन्य घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार एवं प्रशासन को अवगत कराया है कि वह पूर्ण आशावान है कि इस समय अवधि में उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं पर ,शासनादेश के रूप में कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी जिससे राज्य में औद्योगिक शांति का वातावरण एवं बिजली व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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