आक्रोशित बिजली इंजीनियरों ने 5 नवंबर से आंदोलन को चेताया

उत्तराखंड कर्मचारी हलचल
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देहरादून। उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसएिशन ने पावर कारपोरेशनों में सभी जूनियर इंजीनियरों को वर्ष 2006 से 4800 ग्रेड-पे देने के साथ ही जूनियर इंजीनियर से सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति कोटा 58 फीसदी करने की मांग की है। निगमों के प्रबंधनों और शासन की टालमटोल कार्यशैली से आहत इंजीनियरों ने मांग पूरी न होने पर 5 नवंबर से आंदोलन का ऐलान किया है।

यमुना कालोनी में हुई एसोसिशन की बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष जीएन कोठियाल और महासचवि जेसी पंत ने कहा कि जूनियर इंजीनियरों की सभी मांगें जायज और न्यायोचित है। उन्होंने अवर अभियंताओं को 9.14.19 वर्षों की सेवा पर समयबद्ध वेतनमान, एसीपी की पूर्व व्यवस्था बहाल करने, 30 सितंबर 2005 तक सेवा में आए कार्मिकों को पुरानी पेंशन और जीपीएफ का लाभ देने, नई नियमावली को न्यायसंगत, विधि संगत और निष्पक्ष बनाए जाने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर से एसोसिएशन के पदाधिकारी जिला और मंडलों के माध्यम से निगम के प्रबंध निदेशक को फैक्स, ईमेल और स्पीड पोस्ट से ज्ञापन भेजेंगे। 27 अक्तूबर से मुख्यमंत्री, मुख्य सचवि और सचिव को ज्ञापन भेजा जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो 19 नवंबर को आयोजित बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

16 से 29 अक्तूबर तक ईमेल के जरिए सरकार तक पहुंचाएंगे अपनी बात

विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने भी निगम प्रबंधन और शासन पर शोषण का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि वह लगातार जायज मांगों से निगम प्रबंधन और शासन को अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारी 16 से 29 अक्तूबर तक ज्ञापन और ईमेल के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे।

इसके बाद में मांगों को हल नहीं किया गया, तो 5 नवंबर को आयोजित होने वाली एसोसिएशन की बैठक में आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। बैठक में पंकज सैनी, प्रदीप शर्मा, नीरज तिवाड़ी, हंसराज, सलभ वर्मा, भानु जोशी, अनुज शर्मा और देवेंद्र चैहान आदि मुख्य रुप से मौजूद रहे।

इंजीनियर्स महासंघ ने भी सरकार को चेताया

पावर कारपोरेशन में जूनियर इंजीनियरों की अनदेखी के मामले में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने भी सरकार को चेताया है। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरीश चंद्र नौटियाल और महासचिव अजय बेलवाल ने कहा कि सरकार इंजीनियरों की मांगों के प्रति कतई गंभीर नहीं है। पावर कारपोरेशन से लेकर तमाम सरकारी विभागों में इंजीनियर जायज मांगों को लेकर बार-बार आंदोलित हो रहे हैं।

इसके बाद भी सरकार मांगों पर कार्रवाई करने में गंभीर प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने पावर इंजीनियरों की मांगों को लेकर सचिव उूर्जा को पत्र लिखकर उनसे वार्ता के लिए मसय देने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में जल्द ही पावर कारपोरेशनों के इंजीनियरों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर 5 नवंबर से आंदोलन की भी चेतावनी दी है।

15 thoughts on “आक्रोशित बिजली इंजीनियरों ने 5 नवंबर से आंदोलन को चेताया

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